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शिक्षा विभाग में तबादलों पर पूरी तरह रोक

Tue, 24 Sep 2013 02:36 AM IST
अमर उजाला, शिमला।
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हिमाचल सरकार ने शिक्षा विभाग में सभी प्रकार के तबादलों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए यह फैसला लिया गया है।
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मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी कैबिनेट मंत्रियों, शिक्षा सचिव और दोनों शिक्षा निदेशालयों को भी इस बारे में निर्देश भेज दिए हैं।

शिक्षा सत्र पूरा होने तक अब स्कूलों में उथल-पुथल नहीं होगी। ग्रीष्मकालीन स्कूलों का सत्र मार्च में और शीतकालीन स्कूलों का दिसंबर में पूरा होता है।

राज्य सरकार ने अगस्त में 15 दिन के लिए सामान्य तबादलों से रोक हटाई थी। 21 अगस्त को दोबारा तबादलों पर रोक लग गई। लेकिन इसके बाद भी तबादले नहीं रुके। रोक की अवधि में केवल सीएम आफिस तबादला आदेश जारी करता है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद शिक्षा मंत्री भी हैं।

उन्होंने स्कूलों में शिक्षकों की रिक्तियां भरने के लिए पहले युक्तिकरण के आदेश दिए थे, लेकिन अदला-बदली से पढ़ाई पर असर न पड़े, इसलिए इस प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद अब तबादलों पर पूरी तरह से रोक लगाई है।
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मुख्यमंत्री ने तीन दिन पहले कॉलेज कैडर में अंग्रेजी विषय के 21 नए सहायक प्रोफसरों की नियुक्ति की फाइल साइन करने के साथ ही निर्देश दिए कि अब न तो कोई ट्रांसफर होगी, न ही कोई एडजस्टमेंट। इन निर्देशों का असर सोमवार को सचिवालय में भी देखने को मिला।

न तो सचिवालय शाखाओं में ट्रांसफर के डीओ आए, न ही शिक्षा निदेशालयों को पिछले दो दिन से ऐसी डाक भेजी गई। सीएम के विशेष सचिवों के पास आए ऐसे आवेदकों को भी सीएम से खुद ही मिलने की सलाह दी जा रही है।

70 हजार शिक्षक, हर महीने 1000 तबादले
शिमला। शिक्षा महकमा राज्य का सबसे बड़ा विभाग है। इस समय में 17214 स्कूल और 70 हजार से ज्यादा शिक्षक हैं। यदि तबादलों पर रोक न हो तो हर महीने करीब 1000 शिक्षकों के तबादले होना सामान्य प्रक्रिया है। तबादलों पर रोक के बावजूद 50-60 डीओ/यूओ नोट हर रोज सचिवालय से शिक्षा निदेशालयों में पहुंचते हैं।

शिक्षक संगठनों ने फैसले का स्वागत किया
शिमला। शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है। साइंस टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज परिहार और स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष नरोत्तम ठाकुर ने कहा कि बीच सत्र में यह कदम जरूरी था।
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राजकीय अध्यापक संघ के पूर्व अध्यक्ष पीआर सांख्यान ने कहा कि ऐसे आदेश पहले भी होते रहे हैं, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि इन पर अमल भी हो।
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