हिमाचल प्रदेश के संसारी-किलाड़-तिंदी-थिरोट सड़क मार्ग पर सफर करना आज भी किसी चुनौती से कम नहीं है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा दुर्गम पहाड़ों को काटकर बनाई गई यह सड़क पांगी घाटी को लाहौल और कुल्लू से जोड़ने वाली जीवनरेखा है। वर्षों बाद भी इसका बड़ा हिस्सा कच्चा और बेहद जोखिम भरा बना हुआ है। खासकर मानसून के दौरान भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा हर समय बना रहता है। ऐसे में इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को हर पल जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। तिंदी से किलाड़ तक इस सड़क की कुल लंबाई करीब 105 किलोमीटर है। इसमें तिंदी से पांगी सीमा तक लगभग 60 किलोमीटर और बंबल ढांक से किलाड़ तक करीब 45 किलोमीटर सड़क अब भी पूरी तरह पक्की नहीं हो पाई है। कच्चे हिस्सों में सफर के दौरान एक ओर दरकते पहाड़ों का खतरा बना रहता है, तो दूसरी ओर गहरी चंद्रभागा नदी हर समय भय पैदा करती है।