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Himachal News: हिमाचल प्रदेश में मांगों को लेकर शिक्षकों की हड़ताल जारी, विशाल धरना प्रदर्शन की चेतावनी

Mon, 12 May 2025 04:24 PM IST
अंकेश डोगरा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश में 17वें दिन भी राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन जारी है। प्राथमिक शिक्षकों का कहना है कि हमारी अन्य मांगों पर सरकार हमारे साथ बैठक नहीं करती तब तक यह संघर्ष समाप्त नहीं हो सकता। 
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हिमाचल प्रदेश का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन 17वें दिन में प्रवेश कर गया है। सोमवार को हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला सोलन के पदाधिकारियों ने अपना योगदान दिया और क्रमिक अनशन पर बैठ गए। इनमें प्राथमिक शिक्षक संघ जिला सोलन के सह सचिव रवि गौतम, खंड कुठार के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार, खंड धर्मपुर के प्रेस सचिव अरुण कुमार, खंड कुठार के महासचिव जयचंद चंदेल, खंड धर्मपुर के महालेखाकार केशव राम, सुनील शर्मा सदस्य कार्यकारिणी एचपीपीटीएफ शामिल रहे।

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क्रमिक अनशन में उनके साथ हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की राज्य के संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद चौहान, राज्य उपाध्यक्ष एचपीपीटीएफ नारायण शर्मा, जिला सोलन के अध्यक्ष रजनीश कौशिक, जिला सोलन के खण्ड धर्मपुर की अध्यक्ष सुनीला भाटिया, जिला शिमला के कोषाध्यक्ष प्रेम लाल उपस्थित रहे। हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने क्रमिक अनशन पर अपना बयान जारी करते हुए कहा कि हिमाचल सरकार और शिक्षा विभाग को प्राथमिक शिक्षक संघ की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए विस्तृत वार्ता करनी चाहिए और सभी समस्याओं का चर्चा उपरांत समाधान करना चाहिए।

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प्राथमिक शिक्षकों पर 26 अप्रैल 2025 को आयोजित धरना प्रदर्शन के उपरांत की गई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई निलंबन व पुलिस एफआईआर को वापस लिया जाए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी अनसुनी मांग के लिए आंदोलन करना संविधान में वर्णित अधिकार है। शांतिपूर्वक विरोध करने वालों का दमन करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह पूर्ण रूप से आलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है इसे बिना विलंब वापस लिया जाए।

इस अवसर पर राज्य अध्यक्ष ने बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि कुछ लोग मुख्यमंत्री महोदय को हमारे इस संघर्ष के विषय में गुमराह कर रहे हैं और यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि प्राथमिक शिक्षकों का यह संघर्ष मात्र हमारी पदोन्नतियों को यथावत रखने के लिए है परंतु इसके विपरीत यह संघर्ष एकीकृत निदेशालय से प्राथमिक शिक्षा व प्राथमिक शिक्षकों के हितों को बुरी तरह प्रभावित होने वाले कई बिंदुओं को लेकर है। इसमें हमारे मुख्य शिक्षक, केन्द्र मुख्य शिक्षक यहां तक खंड प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी से समस्त शक्तियों को छीन कर दूसरे वर्ग को दिया जा रहा है और गुमराह किया जा रहा है।
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बिना शक्तियों की पदोन्नति आने वाले एक या दूसरे समय में अकारण होने की वजह से बंद होगी ही होगी और तब यह समस्त पदोन्नत वाले पद जिन्हें सुनियोजित ढंग से कम व समाप्त किया जा रहा है डाईंग काडर में चले जाएं। इस पर हम इस बार किसी भी तरह से गुमराह नहीं होंगे यदि सरकार हमारे पक्ष को जाने बगैर इसी तरह हमारी मांगों को अनसुना करती रही और प्राथमिक शिक्षकों की छीनी जा रही शक्तियों को यथावत रखने का पत्र जारी नहीं करती इसके साथ हमारी अन्य मांगों पर हमारे साथ बैठक नहीं करती तब तक यह संघर्ष समाप्त नहीं हो सकता। यदि सरकार हमारे साथ वार्ता नहीं करती है तो शीघ्र ही प्रदेश में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा साथ ही हम स्पष्ट करते हैं कि हमारा अनशन व संघर्ष हमारी मांगें पूरी होने तक निरंतर जारी रहेगा।
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