चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी और पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो में काम कर चुके संदिग्ध तिब्बती मूल के पेंपा छेरिंग से फिलहाल पुलिस कुछ खास नहीं उगलवा सकी है।
स्थानीय पुलिस को उसका चीन के लिए जासूसी का कोई लिंक भी फिलहाल नहीं मिल पाया है। देश की कई खुफिया एजेंसियां भी अपने स्तर पर पूछताछ व जांच कर रही हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह इंटेरोगेशन अभी दो दिन और चल सकती है। पुलिस फर्जी पहचान पत्रों की जांच कर रही है। इसके लिए पुलिस ने दिल्ली संपर्क साधा है। संदिग्ध के पास मौजूद आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र चांदनी चौक दिल्ली के पते पर बनाए गए हैं।
मैकलोडगंज स्थित निर्वासित तिब्बत सरकार के केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने उक्त व्यक्ति पर धर्मगुरु दलाईलामा की जासूसी का शक जाहिर करते हुए स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी थी। इस आधार पर पुलिस ने व्यक्ति को हिरासत में लिया।
लांकि आरोपी ने पूछताछ के दौरान पीएलए व पीसीबी में काम करने की बात स्वीकारी है। एडिशनल एसपी कांगड़ा मोहित चावला ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी से फिलहाल चीन के लिए जासूसी संबंधी बात का कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस उसके द्वारा बनाए गए फर्जी प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है।