इस अवसर पर पूरे गर्व के साथ रेजिमेंट से आए सैनिकों ने बहन को बैंक में सावधि जमा (एफडी) के रूप में प्रशंसा बलिदानी की प्रति व भूतपूर्व सैनिक संगठन ने शगुन और स्मृति चिह्न भेंट किया। इस अप्रत्याशित सम्मान पर दुल्हन ने नम आंखों से सभी का आशीर्वाद प्राप्त किया। बाद में सैनिकों-भूतपूर्व सैनिकों ने बहन को उनके ससुराल तक छोड़कर भाई की पूरी जिम्मेदारी का निर्वहन किया। ग्रेनेडियर रेजिमेंट के जवानों और भूतपूर्व सैनिक संगठन ने अपने कार्यों से यह पुष्टि की कि उनका भाईचारा शाश्वत है। जीवन में भी और उसके बाद भी। शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदनशीलता ही सच्ची देशभक्ति है।