27 सितंबर को हाईवे बंद करने की चेतावनी
चार सितंबर की बैठक में मांगे थे ईआईए, साइट चयन और पानी के सैंपल की जांच से जुड़े दस्तावेज
ग्रामीणों का आरोप - आश्वासन के बावजूद तीन सप्ताह में नहीं मिली मांगी गई जानकारी
पानी की गुणवत्ता पर उठाए सवाल, आरओ फिल्टर में गंदा पानी दिखाई देने का वीडियो किया साझा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। माजरा गांव में प्रदूषण को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार बढ़ रहा है। वीरवार को गांव की सैकड़ों महिलाएं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बद्दी स्थित कार्यालय पहुंचीं। ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक में मांगे गए दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं। इसके विरोध में महिलाएं कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गईं और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
महिलाओं ने बताया कि चार सितंबर को नालागढ़ में हुई बैठक में उन्होंने कंपनी से संबंधित कई दस्तावेज मांगे थे। उस दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने जानकारी उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन सप्ताह बीतने के बाद भी उन्हें दस्तावेज नहीं मिले हैं।
ग्रामीणों ने कंपनी की स्थापना के समय तैयार की ईआईए रिपोर्ट, साइट चयन रिपोर्ट और साइट सूटेबिलिटी रिपोर्ट के अलावा 31 अगस्त 2026 को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लिए गए पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट मांगी है। महिलाओं ने पानी की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने वीडियो साझा कर दावा किया कि आरओ फिल्टर में पानी गंदा दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि चार-पांच दिन में फिल्टर बदलने के बावजूद पानी साफ नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें नियमित रूप से पानी न पीने की सलाह दी जा रही है। महिलाओं ने सवाल उठाया कि यदि पानी सुरक्षित नहीं है तो वे अपनी पुश्तैनी जमीन और गांव छोड़कर कहां जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो 27 सितंबर को नेशनल हाईवे और पंजाब-हिमाचल सीमा को बंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति के लिए प्रशासन, सरकार और प्रदूषण नियंत्रण विभाग जिम्मेदार होंगे। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी अतुल परमार ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।