आढ़तियों ने मंडी में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने का हवाला देकर निर्देश को बताया अव्यावहारिक
कुछ बागवान भी आढ़तियों के समर्थन में उतरे, मार्केट कमेटी सचिव ने की बैठक
आढ़ती बोले - पेटियां रखने तक की पर्याप्त जगह नहीं, किलो के हिसाब से बोली लगाना मुश्किल
पिंजौर मंडी को बढ़ावा देने का मार्केट बोर्ड पर लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। फल मंडी सोलन में एपीएमसी की ओर से की जा रही कार्रवाई को लेकर वीरवार को विवाद हो गया। आढ़तियों ने किलो के हिसाब से बोली लगाने के निर्देश का विरोध करते हुए कुछ समय के लिए सेब की बोली रोक दी। इस दौरान कुछ बागवान भी आढ़तियों के समर्थन में उतर आए।
वीरवार सुबह करीब 8:30 बजे मंडी में सेब की बोली शुरू हुई। इसी दौरान एपीएमसी कर्मचारी कार्रवाई के लिए पहुंचे। किलो के हिसाब से बोली लगाने के निर्देश को लेकर आढ़तियों और कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद आढ़तियों ने बोली रोक दी। सूचना मिलने पर मार्केट कमेटी सोलन के सचिव राघव सूद मौके पर पहुंचे और अपने कार्यालय में आढ़तियों तथा बागवानों के साथ बैठक की।
आढ़तियों का कहना था कि मंडी में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं, ऐसे में किलो के हिसाब से बोली लगाना व्यावहारिक नहीं है। आढ़ती एसोसिएशन सोलन के प्रधान सुनील ठाकुर ने कहा कि आढ़तियों के पास अपनी फड़ में एक गाड़ी का सेब रखने तक की पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में प्रत्येक पेटी को अलग-अलग रखकर बोली लगाना संभव नहीं है।
उन्होंने मार्केट बोर्ड के अधिकारियों पर पिंजौर मंडी को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। ठाकुर ने कहा कि पहले सोलन और परवाणू मंडियों में सेब का कारोबार अच्छा था, लेकिन अब परवाणू में कारोबार कम हुआ है और सोलन में भी कमी आई है। इसके विपरीत उनके अनुसार पिंजौर मंडी में कारोबार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिंजौर मंडी में डे-टू-डे भुगतान की व्यवस्था को लेकर भी समस्या है और बोर्ड को पहले वहां व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
बागवान बोले, सीजन में कार्रवाई से नुकसान
बागवान राजीव ने कहा कि सोलन फल मंडी में जिस तरीके से बोली हो रही है, उससे बागवानों को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करने से पहले मंडी में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। सीजन के दौरान इस तरह की कार्रवाई से बागवानों को नुकसान हो सकता है।
नियम से हो रही कार्रवाई : सचिव
मार्केट कमेटी सोलन के सचिव राघव सूद ने कहा कि एपीएमसी की ओर से नियमों के तहत ही कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि किलो के हिसाब से बोली लगाने का निर्देश नया नहीं है, बल्कि पुराने आदेशों को ही लागू किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीरवार सुबह कोई चालान नहीं काटा गया था। इसके बावजूद आढ़तियों ने विरोध शुरू कर दिया। बाद में बैठक में आढ़तियों और बागवानों को समझाया गया, जिसके बाद मामला शांत हुआ और सेब की बोली दोबारा शुरू कर दी गई।