नियमों को ताक पर रखकर रसूखदारों और बिल्डरों के लिए मुख्य पाइप लाइन या हाइड्रेंट से डायरेक्ट पानी के कनेक्शनों की बंदरबांट पर जिला प्रशासन नकेल कसने जा रहा है। लंबे अरसे से पेयजल कनेक्शन देने की यह हीलाहवाली शहर में जलसंकट का कारण बनी हुई है।
आगजनी जैसी स्थिति में हाइड्रेंट से प्रचुर मात्रा या प्रेशर में पानी न निकलना किसी खतरे से कम नहीं। शिकायतों के बाद उपायुक्त सोलन ने ऐसे कनेक्शनों को तुरंत काटने के आदेश जारी कर दिए हैं। नगर परिषद को 10 दिन के भीतर अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। उधर निर्देशों पर नगर परिषद 1 अप्रैल से 15 वार्डों में सर्वे आरंभ कर रहा है। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि शहर में ऐसे कितने कनेक्शन हैं जो मेन लाइन से दिए गए हैं।
सोलन शहर में गिरि और अश्वनी पेयजल योजनाओं से पानी की सप्लाई आती है। सामान्य दिनों में भरपूर पानी होने के बावजूद आम लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। कई बड़े होटल, ढाबा-रेस्तरां मालिकों को भरपूर पानी मिल रहा है। हालांकि पीलिया के प्रकोप को देखते हुए अश्वनी खड्ड की सप्लाई ठप पड़ी है। इससे पानी की थोड़ी बहुत दिक्कत है। लेकिन यह दिक्कत रसूखदारों के लिए नहीं है। लिहाजा शहर में जल वितरण प्रणाली में एकरूपता लाने के लिए जिला प्रशासन ने नगर परिषद को ऐसे होटलों, ढाबों, व्यावसायिक भवनों और घरों को चिन्हित करने के आदेश जारी किए हैं। इन्हें पानी का डायरेक्ट कनेक्शन मुख्य पाइप लाइन से दिए गए हैं।
घरेलू सप्लाई हो रही प्रभावित
पानी का कनेक्शन डायरेक्ट मेन लाइन से होने का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि सबलाइन से पानी का कनेक्शन ले रहे उपभोक्ताओं के घरों तक आते-आते पानी का फलो कम हो जाता है। इसके चलते उन्हें पानी जरूरत से कही कम मिल पाता है।
एक ही संस्थान से कई कनेक्शन
एक ही मुख्य लाइन से कई व्यावसायिक संस्थान काफी कनेक्शन ले लेते हैं। 8 से 10 टंकियों में पानी भरा जाता है। ऐसे में एक से डेढ़ घंटा इसी में बीत जाता है। लिहाजा आगे जाने वाली सप्लाई बंद रहती है। इससे मुख्य पाइपलाइन के आसरे अधिकांश आबादी को दिक्कत होती है।
कीमैन भी करते हैं गड़बड़ी
मुख्य पाइपलाइन से पानी और कनेक्शन देने का पैंतरा कुछ कीमैन भी बखूबी जानते हैं। सूत्रों के मुताबिक कई स्थानों पर तो फायर हाइड्रेंट से सीधे पानी के कनेक्शन जोड़ दिए हैं। हालांकि असलियत जांच के बाद ही पता चल सकेगी। लेकिन यह बात तय है कि अगर पारदर्शिता से सर्वे होता है तो बड़े रसूखदार इस मामले में फंस सकते हैं।
दूसरे या तीसरे दिन मिल रहा पानी
शहर में इस समय आईपीएच विभाग द्वारा नगर परिषद को 15 से 18 लाख गैलन पानी मुहैया करवाया जा रहा है। जरूरत लगभग 20 लाख गैलन पानी की है। इसके बावजूद शहर की आम जनता प्यासी है। यही नहीं शहर में दूसरे या तीसरे दिन पानी की सप्लाई हो रही है।
सोलन में 45 हजार कनेक्शन
नप के जेई बीएस ठाकुर ने बताया कि सोलन नगर परिषद के 15 वार्डों में पानी के लगभग 45 हजार कनेक्शन हैं। यह सालों पुराने हैं। वहीं खुद नगर परिषद को भी नहीं पता कि कितने पानी के कनेक्शन डायरेक्ट मेन लाइन से दिए गए हैं। जिला प्रशासन के इस फैसले के बाद अब नप द्वारा सर्वे कर यह पता लगाया जाएगा। यही नहीं सर्वे में इस बात का भी पता लग पाएगा कि किन होटलों, ढाबों, व्यावसायिक भवनों में एक से ज्यादा पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। ऐसे में इन्हें केवल एक ही कनेक्शन दिया जाएगा।
अब एक समान पेयजल वितरण होगा: डीसी
डीसी राकेश कंवर ने बताया कि सोलन शहर में जल वितरण प्रणाली में सुधार के दृष्टिगत कार्य योजना तैयार की जा रही है। जिला प्रशासन शहर के सभी क्षेत्रों में पेयजल के एक समान वितरण करने जा रहा है। मुख्य पानी की पाइपलाइन से होटलों, ढाबों या बिल्डरों के आलीशान अपार्टमेंट को दी गई सप्लाई काटी जाएगी। उन्हें आम लोगों की तरह सब लाइन से ही पानी दिया जाएगा। नप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को इस संबंध में 10 दिन के भीतर अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं मुख्य कार्यकारी को इस संबंध में जल्द से जल्द कार्रवाई के लिए कहा है।
1 अप्रैल से शुरू होगा सर्वे पवन गुप्ता
नप अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि 1 अप्रैल से नगर परिषद द्वारा सर्वे का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। इसके बाद सभी चिन्हित होटल और ढाबा मालिकों को नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही मेन कनेक्शन से पानी की सप्लाई को काटकर सबलाइन से जोड़ कर दिया जाएगा।