जिला सोलन में स्वर्णकारों की हड़ताल के समर्थन में बाजार बंद का प्रभाव मिलाजुला रहा। अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार खुले रहे। सोलन शहर में बंद का काफी असर दिखा। शहर में कई स्थानों पर कारोबारियों ने जबरन बाजार भी बंद करवाए।
हालांकि दोपहर बाद इन स्थानों पर भी कई दुकानें खुल गई। हड़ताल से आम लोगों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए दूध, दही और ब्रेड जैसे रोजमर्रा के सामान होटल, ढाबे तथा दवाइयों की दुकानें खुली रहीं। सोलन सर्राफा कारोबारियों की जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के समर्थन में व्यापार मंडल ने मिलकर रोष रैली भी निकाली। रैली मालरोड से होती हुई उपायुक्त कार्यालय तक पहुंची, जहां एडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया।
इन बाजारों में यह रहा प्रभाव
कंडाघाट, चंबाघाट, पर्यटन नगरी कसौली और साथ लगते कसबे गढ़खल में स्वर्णकारों के पक्ष में शनिवार को बाजार लगभग पूरा दिन बंद रहे। प्रदेश में स्वर्णकारों पर लगाईं जा रही एक्साइज के विरोध में प्रदेश बंद में इन व्यापार मंडल ने पूरा सहयोग दिया और सारा दिन बाजार बंद रखा। बाजार बंद होने से लोगों को रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। धर्मपुर, परवाणू, कुनिहार, अर्की, चंबाघाट, चायल, सलोगड़ा के व्यापारियों पर हड़ताल का कोई असर नहीं दिखाई दिया। यहां अधिकतर दुकानें पूरा दिन खुली रही।
पचीस करोड़ रुपये का
कारोबार हुआ प्रभावित
सोलन व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुशल जेठी ने बताया कि सोलन शहर को सर्राफा व्यवसायियों के पक्ष में बंद रखा गया। इससे सोलन शहर और आसपास के व्यापारियों की दुकानें बंद रही। करीब 25 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। सभी कारोबारी एक हैं। सरकार को चाहिए कि सर्राफा कारोबारियों की मांगों को मान लें। एक मार्च से प्रदेश के सर्राफा कारोबारी हड़ताल पर हैं। सोने को एक्साइज के दायरे में लाने के विरोध में सर्राफा बाजार बंद चल रहे है।