हिमाचल को बागवानी के लिए आगामी 15 साल की योजना तैयार करनी होगी, जिससे उत्पादन बढ़ाया जा सके और लोगों की आय भी बढ़े। यह बात भारत सरकार के नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद ने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कही। वह शुक्रवार को नौणी विवि के 39वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि फसलों के उत्पादन में प्रति हेक्टेयर देशभर में हिमाचल दूसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर पश्चिम बंगाल है। ऐसे में यदि हिमाचल प्लान के साथ चलता है तो यह नंबर एक हो सकता है। उन्होंने कहा कि अभी राजस्व रिकाॅर्ड के मुताबिक हिमाचल में बागवानी 17 फीसदी है, इसे 35 फीसदी कैसे किया जाए, इस पर भी हिमाचल को काम करने की जरूरत है।
वहीं प्राकृतिक खेती पर पूछे गए सवाल में उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को वैज्ञानिक तरीके से करने की जरूरत है, जिससे किसानों को इसका सही लाभ मिल सके। यदि नौणी विवि छात्रों को इसे विषय के रूप में पढ़ाती है तो आगामी दिनों में यह साइंटिफिक होगी और इसे पूरी तरह से लागू किया जा सकेगा। संवाद