Trucks of BBN stranded outside state due to non issuance of permits
बद्दी (सोलन)। वाहन संचालकों के सभी टैक्स एक ही छत के नीचे करने की मांग ट्रक संचालकों को मंहगी पड़ रही है। सरकार ने अब आबकारी एवं कराधान विभाग में जमा होने वाला गुड्स टैक्स भी आरटीओ विभाग में जमा करने के अधिसूचना जारी कर दी है।
इससे अब ट्रक संचालकों के नेशनल परमिट बनने बंद हो गए हैं। जिन लोगों का गुड्स टैक्स बकाया है और आबकारी कराधान विभाग से एनओसी नहीं मिली है उनके ट्रक बिना परमिट के बाहरी राज्यों में खड़े हो गए हैं।
नालागढ़ के एक ट्रक संचालक का ट्रक कलकत्ता में पिछले कई दिनों से नेशनल परमिट न होने से खड़ा है। जब इस ट्रक का संचालक परमिट बनाने आरटीओ कार्यालय गया तो वहां पर गुड्स टैक्स का आप्शन आया। जिससे उसके परमिट की फीस जमा नहीं हुई। जब संचालक ने आबकारी एवं कराधान विभाग ने इसका पता किया तो एक लाख तीस हजार रुपये गुड्स टैक्स पेनल्टी के साथ बकाया बताया गया। ऐसे में तो वह न तो टैक्स जमा करा पा रहा है न हीं ट्रक वहां से बिना परमिट के आ रहा है।
पहले ट्रक संचालक मोबाइल से नेशनल परमिट बना कर ट्रक चालकों को भेज देते थे, लेकिन अब गुड्स टैक्स का आप्शन आने से नहीं बन रहे हैं। इसके अलावा बीबीएन के कई ट्रक संचालकों के ट्रक बाहरी राज्यों में खड़े करने पड़े हैं।
ट्रक आपरेटर हरपाल सिंह, हरप्रीत सिंह, सतनाम सिंह जगदीश सिंह, चमनलाल व अवतार सिंह ने बताया कि आरटीओ कार्यालय में आने वाले गुड्स टैक्स के आप्शन को कुछ समय के टाला जाए। इस बीच ट्रक संचालक अपने पैसों का इंतजाम कर टैक्स भर देंगे जिससे उन्हें यह दिक्कत नहीं आएगी।
उधर, ट्रक यूनियन के प्रधान विद्यारतन चौधरी ने बताया कि उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग को पत्र लिखा है जिससे कंप्यूटर में आने वाले इस आप्शन को कुछ समय के लिए टाला जाए तथा ट्रक ऑपरेटरों पर लगने वाली पेनल्टी को माफ किया जाए।