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इनसे नहीं छूट रही खुले में हगने की अादत

Tue, 06 Sep 2016 10:05 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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जिला सोलन को स्वच्छ घोषित करने में आड़े आ रहे 5431 गृह मालिकों ने अगर 2 अक्तूबर से पहले शौचालयों का निर्माण नहीं किया तो उनके घरों का बिजली-पानी का कनेक्शन कट सकता है। - फोटो : demo pic
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जिला सोलन को स्वच्छ घोषित करने में आड़े आ रहे 5431 गृह मालिकों ने अगर 2 अक्तूबर से पहले शौचालयों का निर्माण नहीं किया तो उनके घरों का बिजली-पानी का कनेक्शन कट सकता है। यही नहीं सस्ते राशन से भी यह परिवार वंचित किए जा सकते हैं। जिला प्रशासन ने ऐसे भवन मालिकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत कुछ नोटिस जारी हो चुके हैं। कुछ जारी हो रहे हैं।
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जिला की 211 पंचायतों के कुल 5431 परिवार चिन्हित किए हैं। एक अनुमान के ऐसे परिवारों के मुताबिक दस फीसदी सरकारी नौकरी वाले भी हैं। पूरे जिला में स्वच्छता अभियान की सबसे बुरी दशा नालागढ़ पंचायत की है। हैरत की बात है कि प्रदेश में स्वच्छता अभियान में सोलन की छवि नालागढ़ ब्लॉक से ही खराब हो रही है। शौचालय न होने की कुल संख्या में अस्सी फीसदी का आंकड़ा नालागढ़ से ही है। सबसे अधिक नालागढ़ खंड में शौचालय नहीं बन पाए हैं। कंडाघाट में टारगेट के हिसाब से पूर्ण रूप से बाहरी शौच मुक्त हो गया है।

यहां इतना कार्य
ब्लॉक    पंचायत संख्या   टारगेट   पूर्ण कार्य  बचा कार्य
सोलन     35            747     628    119
कंडाघाट   24           239      239    000
धर्मपुर    38         3153     2291    862
कुनिहार    45          731       575    156
नालागढ़   69       12092     7798   4294


परिवार का अपना ही होगा शौचालय
स्वच्छ भारत अभियान के तहत किसी एक परिवार का अपना शौचालय होना अनिवार्य है। वह किसी दूसरे परिवार के शौचालय पर निर्भर नहीं रह सकते। इसमें यदि दो भाईयों का परिवार एक साथ रहता है लेकिन उनके बिजली, पानी, राशन कार्ड में अलग-अलग हैं, तो एक ही शौचालय से काम नहीं चलने वाला। उन्हें अपना अलग शौचालय बनाना होगा। यदि वह ऐसा नही करते तो उन्हें भी प्रशासन की ओर फरमान जारी हो सकते हैं। वहीं यदि एक परिवार के पास कोई कामगार या किरायदार रहता है। इसके लिए शौचालय की सुविधा देने की जिम्मेवारी भी उसी परिवार की होगी।
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शौचालय की लापरवाही पर भी होगी कार्रवाई
यदि किसी परिवार के पास शौचालय है और वह प्रयोग नहीं हो रहा तो उस पर भी कार्रवाई हो सकती है। उन्हीं शौचालय को क्लीन चिट मिलेगी। अगर शौचालय के सैप्टिक टैंक में किसी प्रकार का रिसाव या प्रयोग नहीं हो रहा था। तो प्रशासन द्वारा उन्हें भी नोटिस जारी कर सकती है।

इस तरह हुआ था अभियान शुरू
निर्मल भारत अभियान के तहत पंचायतों को बाहरी शौच मुक्त करने के लिए 01 अप्रैल 2012 में शुरू शौचालय निर्माण अभियान के तहत पहले सरकार द्वारा शौचालय निर्माण के लिए 5100 रुपये की सहायता राशि दी जाती थी। इसके बाद 2014 में इस राशि को बढ़ाकर स्वच्छ भारत अभियान के तहत 12 हजार कर दिया गया। यह राशि उन परिवार को दी जा रही है जिनका सर्वे 2011 में किया था जिनके पास शौचालय नहीं थे। इसमें यह राशि तभी उस परिवार को दी जाती है। जब उसके शौचालय का निर्माण पूर्ण रूप से होकर वह उसे प्रयोग करते हैं।

इन्हें मिलती है सहायता राशि
स्वच्छ भारत मिशन के तहत उन लोगों को प्रशासन व सरकार की ओर से राशि प्रदान की जाती है, जो बीपीएल परिवार के हों। एससी और एसटी परिवार के अलावा लघु किसान इस दायरे में आते हैं।  25 बीघा से ज्यादा जमीन वाले किसानों को यह सहायता राशि नहीं दी जाती है। उन्हें स्वयं शौचालयों का निर्माण करना पड़ता है। एससी और एसटी वर्ग में जमीन की कोई शर्त नहीं है।

शौचालय का होना जरूरी, नोटिस शुरू
डीआरडीए प्रोजेक्टर ऑफिसर सुरेश कुमार ने बताया कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत पंचायत स्तर पर (ओडीएफ) बाहरी शौच मुक्त पंचायत के तहत शौचालय का होना अनिवार्य किया है। इसमें जिन परिवारों ने अभी तक शौचालय का निर्माण नहीं किया है। उन्हें शौचालय बनाने के लिए 2 अक्तूबर तक का समय दिया है अगर इसके बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं करते हैं तो प्रशासन द्वारा उनके बिजली और पानी के कनेक्शनों को काट दिया जाएगा। नोटिस देने की प्रक्रिया जारी है। 
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