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टूटे झूले, उखड़ा फर्श, नेताजी की प्रतिमा की हालत खस्ता

Tue, 24 Jan 2017 09:27 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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टूटे झूले, उखड़ा फर्श, बैठने के लिए बैंच के नाम पर सिर्फ टूटा ढांचा और मुख्यद्वार का एक गेट गायब। - फोटो : अमर उजाला
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टूटे झूले, उखड़ा फर्श, बैठने के लिए बैंच के नाम पर सिर्फ टूटा ढांचा और मुख्यद्वार का एक गेट गायब। यह नजारा किसी पुरानी वीरान उजड़ी बस्ती के पार्क का नहीं है बल्कि आलीशान भवनों और शहर की जेंटरी वाले वीआईपी वार्ड नौ के नेता जी सुभाष चंद्र बोस पार्क का है।
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इसकी दयनीय हालत नगर परिषद के विकास कार्यों की पोल खोल रही है। शहर के हाईफाई लोगों की आंखों के सामने 15 साल पहले बने इस पार्क को लावारिस छोड़ दिया है। यहां बच्चों को खेलने के लिए भेजने का अभिभावकों का मन करता है, बुजुर्गों का टहलने का दिल करता है। लेकिन पार्क में गिरकर कोई चोटिल न हो जाएं। इस भय से यहां नाममात्र लोग ही आते है। अब आलम यह है कि यह आवारा कुत्तों और मवेशियों का ठिकाना बन गया है।

नेता जी की प्रतिमा का भी तिरस्कार
कुछ लोगों ने कहा कि पार्क में नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का भी तिरस्कार किया जा रहा है। इस ढांचे पर नेता जी की प्रतिमा खड़ी है, वह नीचे से उखड़ चुका है। नेता जी की प्रतिमा तक पहुंचने वाला मार्ग भी टूटा पड़ा है। टूटे पार्क में पत्थर निकले पड़े हैं। गिरकर यहां कोई भी चोटिल हो सकता है।
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इसका जिम्मेवार कौन?
आखिर नेता जी सुभाष चंद्र बोस के इस पार्क की बदहाली का जिम्मेवार कौन? हैरानी की बात है कि दो बार पार्षद की पारी खेलने वाले इस वार्ड के नुमाइंदे ने पार्क के सौंदर्यीकरण के लिए नप से शायद ही गुजारिश की हो। पार्क की खस्ता हालत की जिम्मेदार वार्ड के लोग भी हैं। जिन्होंने इस पार्क के सौंदर्यीकरण की कभी परवाह नहीं की। नतीजतन पार्क की यह हालत है। नेताजी की प्रतिमा वाले पार्क की ऐसी हालत शर्मसार करने वाली है।  

बच्चों की जुबानी
झूलों से लगता है डर
वार्ड नौ में रहने वाली 7 साल की तनाया का कहना है कि पार्क में टूटे झूलों में चढ़ने से डर लगता है। फ्लोर की टाइलें टूटी है। खेलने का मन करता है लेकिन खेल नहीं पाते। पार्क में मिक्की माउस के झूले, डस्टबिन, पेंग्विन स्लाइड होनी चाहिए।

मम्मी के साथ जाना पड़ता है
गिरिशा भी करीबन 7 साल की है। उसका कहना है कि अगर कभी उसका मन पार्क में खेलने का करता है तो उसे मम्मी के साथ जाना पड़ता है। लेकिन डरटी पार्क को देख कर खेलने और वाक करने का मन नही करता। इसे ब्यूटी फुल बनाना चाहिए।

लोगों का कहना
सुंदर, बेहतर बनने के हों प्रयास
वार्ड नौ के वरिष्ठ नागरिक डीएस गुलेरिया ने कहा कि पार्क का सौंदर्यीकरण होना चाहिए है। इतने समय से यह पार्क बेहतर नही हो पाया यह हम सब की नाकामी है। नगर परिषद और पार्षद को इस पार्क को सुंदर और बेहतर बनाने के लिए प्रयास करने चाहिए।

राजनीति हावी सबकी नाकामी
युवा कारोबारी अक्षय वर्मा ने कहा कि बच्चों और आम लोगों के लिए बने इस पार्क में कुत्ते मजे कर रहे हैं। पार्क टूटा पड़ा है। ऐसे में हम कैसे सोच सकते हैं कि अपने परिवार को लेकर यहां आएंगे। सोलन के सभी पार्क खस्ता हाल है। यह नाकामी हमारे राजनेताओं और राजनीति से प्रभावित सिस्टम की है।

पार्षद की सफाई
वार्ड नौ में पार्षद का दूसरा टेन्योर कर रहे पुनीत शर्मा ने कहा कि पार्क को सुधारा जाएगा। शहर के सभी पार्कों के लिए बजट आया है। उसी बजट से इस पार्क का भी जल्द सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

पता है पर क्या करें
नप अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि पार्क की हालत से नप वाकिफ है। लेकिन न तो पार्षद और न ही कभी लोगों ने इसे ठीक करने के लिए कोई कदम उठाया है। कोई पार्क को गोद लेना चाहता है तो उसका स्वागत है। अपने स्तर पर भी नप इसे ठीक करेगा।
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