भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं के नजदीक कसोहल पुल के समीप रविवार को खड्ड में डूबने से दो युवकों की मौत से उनके गांव में शोक की लहर है। दोनों मृतक युवक अपने परिजनों के इकलौते सहारे थे। परिजन बच्चों के घर आने का इंतजार कर रहे थे कि एकाएक उनकी मौत की खबर से उन पर दुखों का पहाड़ टूट गया। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि उनके लाड़ले इस दुनिया से रुखसत हो गए हैं।
डंगार के नजदीकी दखयुत गांव के 20 वर्षीय प्रिंस के पिता का देहांत करीब पांच साल पहले हो चुका है। प्रिंस के पिता ट्रक चालक थे। पांच साल पहले वह गाड़ी लेकर सामान उतारने गए थे। जहां पर गाड़ी की सीट पर बैठे-बैठे ही उन्हें हार्ट अटैक आया था। जहां उनकी मौत हो गई थी। प्रिंस की मां अभी हाल ही में एक स्कूल में बतौर मिड डे मील वर्कर के रूप में तैनात हुई है। एक बहन की शादी हो चुकी है जबकि दूसरी बड़ी बहन पढ़ाई कर रही है। दो बहनों का इकलौता भाई और बूढ़ी मां का सहारा उसे छोड़ कर चला गया।
वहीं हादसे में मौत का शिकार हुए दूसरे युवक 18 वर्षीय युवराज के पिता बलद्वाड़ा अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। युवराज का कोई भाई व बहन नहीं है। मां-बाप का इकलौता सहारा छोड़ कर चला गया। परिजन आस लगाकर बच्चों को आईटीआई प्रशिक्षण दिलवा रहे थे कि बुढ़ापे में सहारा बनेंगे, लेकिन छोटी सी उम्र में दोनों युवक परिजनों को छोड़कर दुनिया से चले गए। पुलिस ने सोमवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवा दिया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। घटना से क्षेत्र में शोक की लहर है।