शहर को जाम से निजात दिलवाने की प्रदेश सरकार की शामती बाईपास बनाने की मुहिम अधर में लटक गई है।
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शहर को जाम से निजात दिलवाने की प्रदेश सरकार की शामती बाईपास बनाने की मुहिम अधर में लटक गई है। नाबार्ड से अप्रूवल मिलने के बाद बजट की पहली करीब आठ करोड़ की किस्त भी मिल चुकी है। लेकिन अभी तक विभाग टेंडर प्रक्रिया के फेर में उलझा है। हालांकि कुछ माह पूर्व इस मार्ग के निर्माण कार्य के शुरू होने की बातें भी उठीं लेकिन जमीनी स्तर पर काम शुरू नहीं हो सका।
अब विभाग का दावा है कि एक दो माह के भीतर कार्य शुरू हो सकता है। ऐसे में 29 करोड़ की लागत से निर्माण होने वाले इस बाइपास का कार्य रुका पड़ा है। यह मार्ग आंजी से निकलना है और राजगढ़ मार्ग पर मिलना है। इस मार्ग से चंडीगढ़ से सिरमौर जाने वाले लोगों के लिए समय की बचत होनी है। इसमें सिरमौर से चंडीगढ़ को जाने वाले लोगों को शहर से होकर न जाकर यह बाईपास से बाहर से ही निकल सकते है। इसमें बड़े माल वाहक वाहन जिनकी वजह से शहर में जाम की सबसे अधिक समस्या बनी रहती है। यह सब वाहन बाईपास से ही जा सकते हैं। कनिष्ठ अभियंता एसके गुप्ता ने कहा कि टेंडर के बाद जल्द कार्य शुरू किया जाएगा।
5.50 किमी लंबा बनेगा मार्ग
आंजी से शामती तक साढ़े पांच किमी बनने वाला मार्ग लोगों को जहां जाम से निजात दिलवाने वाला था, वहीं इससे लोगों के समय की भी काफी बचत होनी थी। लेकिन यह निर्माण कार्य शायद ही आगामी चार वर्षों में पूरा हो। अगर कवायद यूं ही कछुए की चाल चलती रही तो वर्ष 2020 तक भी इसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाएगा। शहर में यातायात का दबाव विकराल रूप ले चुका है। प्रतिदिन लगने वाले जाम से लोग बेहाल हैं। लिहाजा लोग बड़ी बेसब्री से इस निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।
एक दशक से हो रहा है इंतजार
बाइपास के निर्माण की कवायद करीब एक दशक से चली हुई है। लेकिन अभी तक इस मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। उधर शहर में यातायात व्यवस्था भारी ट्रैफिक के कारण काफी डगमगा गई है। सुबह, शाम और दोपहर जाम लगना अब आम हो गया है। इससे न केवल स्कूली बच्चे बल्कि बुजुर्ग और आम जनता को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में यदि जल्द शामती बाइपास का निर्माण पूरा होकर ट्रैफिक डायवर्ट नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह साबित हो सकी है।