संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों सहित अन्य स्टाफ की हाजिरी दोबारा से बायोमीट्रिक व्यवस्था से लगाने की कवायद शुरू कर दी है। कोविड के बीच सुरक्षा के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने बायोमीट्रिक पर रोक लगा दी थी। अब इसे लगाने की शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले के सभी स्कूलों में खराब पड़ी बायोमीट्रिक मशीनों की रिपोर्ट मांगी है। मई से इसे शुरू किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने विद्यालयों में देर से आने वाले शिक्षकों समेत अन्य स्टाफ की उपस्थिति को लेकर बायोमीट्रिक मशीनें लगाई हैं। इसमें स्कूल स्टाफ को को दो बार स्कूल में उपस्थिति दर्ज करनी होती है। इसमें आगमन पर सुबह 10 बजे और प्रस्थान पर शाम चार बजे कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज होती है।
यदि बॉयोमिट्रिक मशीन से समय पर उपस्थिति नहीं लगाई गई तो उन्हें अनुपस्थित माना जाता है। स्कूलों में कोई भी शिक्षक लगातार तीन दिन पांच मिनट भी देरी से स्कूल पहुंचे तो एक दिन का वेतन कट सकता है। विद्यालय समय अवधि से 15 मिनट पहले संस्था प्रधान, शिक्षक और स्टाफ को स्कूल पहुंचना होगा।
किसी के नहीं पहुंचने या विलंब से आने की जानकारी बायोमीट्रिक मशीन से निदेशालय पहुंच जाएगी। वहीं खराब मशीनों की सूचना पहले ही देनी होगी। इसमें सिस्टम दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होगी।
शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा डॉ. जगदीश नेगी ने बताया कि स्कूलों से बायोमीट्रिक मशीनों की सूचना मांगी गई है। जिन स्कूलों में मशीनें खराब हैं, उसे ठीक करवाया जाएगा। अगले महीने से ऑनलाइन उपस्थिति शुरू की जा रही है।