उत्तर-पश्चिम क्षेत्र चंडीगढ़ के आयकर आयुक्त वीके सिंह ने कहा कि आहरण एवं वितरण अधिकारी को प्रत्येक वित्त वर्ष की 31 मई तक प्रत्येक करदाता कर्मचारी को फार्म 16 उपलब्ध करवा देना चाहिए।
यदि आहरण एवं वितरण अधिकारी को यह प्रतीत होता है कि उसका कर्मचारी आयकर भुगतान के दायरे में आता है तो उसे तुरंत उसकी मासिक वेतन से कटौती आरंभ कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आयकर की अधिक राशि जमा होने की स्थिति में वर्तमान में ऑनलाइन वापसी का सरल प्रावधान है। वह सोलन के उपायुक्त कार्यालय के सभागार में टीडीएस तथा टीसीएस के नियमों के प्रावधान के बारे में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। कहा कि आहरण एवं वितरण अधिकारियों को अपनी टीडीएस की तिमाही विवरणिका समय पर जमा करवाना आवश्यक है ताकि असुविधा से बचा जा सके। पहली तिमाही 31 जुलाई, दूसरी तिमाही 31 अक्तूबर, तीसरी तिमाही 31 जनवरी तथा चौथी तिमाही 15 मई तक जमा करवाई जानी चाहिए।
कर से संबंधित किसी भी अनियमितता के लिए आहरण एवं वितरण अधिकारी निजी तौर पर उत्तरदायी होता है चाहे वह बाद में स्थानांतरित या सेवानिवृत्त हो गया हो। सोलन के आयकर अधिकारी जेके गुप्ता के अलावा पंचकूला आयकर की संयुक्त आयुक्त मीनाक्षी वोहरा सहित जिला के विभिन्न आहरण एवं वितरण अधिकारियों के साथ बैंकों के अधिकारियों ने भाग लिया।