Subathu Cantt board to initiate drinking water scheme
सुबाथू (सोलन)। छावनी परिषद सुबाथू में बिजली और पानी के भारी-भरकम बिलों को लेकर सुबाथू में कसरत शुरू हो गई है। छावनी में महंगे पानी के बिलों से राहत देने के लिए परिषद जल्द ही अपनी पेयजल योजना शुरू करने जा रहा है। बिलों की बढ़ी दरों से परेशान दुकानदारों की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। समाचार प्रकाशित होने पर मुद्दे का संज्ञान लेते हुए छावनी के सैन्य अधिकारियों ने जांच बैठा दी है।
सैन्य क्षेत्र के कुछ दुकानदारों को एमईएस 13.80 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल दे रहा है। यह बिजली बोर्ड की वाणिज्यिक दर से करीब तीन गुणा ज्यादा है लेकिन व्यापार को नुकसान न पहुंचे, इस डर से दुकानदार आवाज नहीं उठा पा रहे थे। इस खबर के छपने के बाद सैन्य अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए जांच को लेकर सोमवार को बैठक रखी।
इस बैठक में सेना के उच्चाधिकारियों ने एमईएस कसौली से मामले की पूरी जानकारी जुटाई। इसमें दुकानदारों को आने वाले भारी-भरकम बिलों की दर के बारे में भी पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान एमईएस ने सैन्य अधिकारियों को दी जाने वाली बिजली यूनिट की दरों से संबंधित दस्तावेज पेश किए हैं।
हालांकि सुरक्षा कारणों के चलते बैठक में उपस्थित अधिकारियों का नाम नहीं बताया जा रहा है। हालांकि बैठक में होने वाले किसी भी फैसले को अंतिम रूप कसौली एमईएस के गैरीसन इंजीनियर देंगे।
छावनी परिषद जल्द शुरू करेगा अपनी पेयजल योजना
छावनी में एमईएस के बढ़ाए सात गुणा पानी के बिलों पर राहत देने के लिए नगर परिषद जल्द ही अपनी पेयजल योजना को शुरू करने जा रहा है। सीईओ देवांशु चौधरी ने कहा कि छावनी परिषद का चील चक्कर में चल रहा पेयजल योजना का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
इस स्कीम के शुरू होने से परिषद कुछ हद तक पेयजल समस्या के लिए आत्मनिर्भर हो सकती है। प्रयास सफल रहा तो एमईएस की पेयजल सप्लाई कम लेने पर पानी के बिलों को रिवाइज किया जाएगा।