परवाणू (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में पढ़ने वाले सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को छह से सात किलोमीटर का पैदल सफर कर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। यहां के अलग-अलग सेक्टरों में सैकड़ों बच्चे पढ़ते हैं लेकिन बस सुविधा न होने से बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
इनमें परवाणू के एक वरिष्ठ माध्यमिक, एक मिडल और एक प्राइमरी स्कूल के बच्चे शामिल हैं। धूप हो या बारिश, ये बच्चे पैदल चलकर ही स्कूल पहुंचते हैं। सुबह के समय इतना पैदल सफर करने से बच्चे काफी थक जाते हैं। शाम के समय भी उतना ही सफर तय करने का डर उनके मन में दिन भर रहता है।
जानकारी के अनुसार परवाणू के सेक्टर-6 से लगभग 15 से 20 बच्चे परवाणू के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में जाते हैं। यहां से स्कूल की दूरी लगभग छह किलोमीटर है। इसी तरह अन्य दो स्कूलों में भी परवाणू के सेक्टर-4, सेक्टर-5, टकसाल, कामली और अन्य ग्रामीण इलाकों से बच्चे आते हैं लेकिन यहां पर कहीं भी बसों की सुविधा नहीं है।
बस कर दी गई बस
दो साल पहले से परवाणू के सेक्टर-6 से सुबह बच्चों के स्कूल के समय एक बस चलाई भी गई थी लेकिन कुछ समय से बंद कर दी गई। दोबारा इस बस को शुरू नहीं किया गया। अब बच्चों के लिए बसें न होने से परेशानी खड़ी हो गई है। इन क्षेत्रों से कई बच्चे परवाणू के स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
बसों का रूट बढ़ाने पर करेंगे विचार
परवाणू में हिमाचल पथ परिवहन निगम के तैनात ट्रैफिक मैनेजर इंद्र राज ने बताया कि सुबह आठ और नौ बजे परिवहन की दो बसें कालका से सेक्टर-6 के मुख्य रोड़ तक चलती है। इन दोनों बसों को सेक्टर-6 तक बढ़ाया जा सकता है। इस के बारे में आरएम से चर्चा की जाएगी। सेक्टर-4 से भी परवाणू के लिए बसें चलती हैं।