स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील के राशन का भी किया जाए निरीक्षण
सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। उपायुक्त मनमोहन शर्मा की अध्यक्षता में सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं जिला स्तरीय सतर्कता समिति की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के कामकाज और जिले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व गुणवत्ता की गहन समीक्षा की गई।
इस दौरान उन्होंने विभाग के अधिकारियों और खाद्य निरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे उचित मूल्य की दुकानों (राशन डिपो) पर खाद्यान्नों की गुणवत्ता और उनके सुरक्षित भंडारण की नियमित जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने एलपीजी सिलिंडरों के सही वजन की चेकिंग करने और गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के भी कड़े निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि बाजार में सब्जियों व अन्य आवश्यक वस्तुओं के रेट लिस्ट प्रदर्शित होने चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाली और अनियमितताएं बरतने वाली दुकानों के खिलाफ तुरंत चालान करने की कार्रवाई की जाए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में चल रही राशन व्यवस्था और आपूर्ति के आंकड़े भी साझा किए। इसमें जिले में वर्तमान में 355 उचित मूल्य की दुकानें कार्यरत हैं। इनमें से 209 सहकारी सभाओं, 136 व्यक्तिगत, 4 महिला मंडलों और 6 ग्राम पंचायतों द्वारा संचालित की जा रही हैं। चार महीनों का वितरण में (मार्च से जून 2026) जिले में लगभग 8,336 क्विंटल चीनी, 42,154 क्विंटल चावल, 65,687 क्विंटल आटा, 9,512 क्विंटल दालें (उड़द, चना, मलका), 1,664 क्विंटल आयोडीन नमक और 4,38,681 लीटर खाद्य तेल उपभोक्ताओं को वितरित किया गया है। एलपीजी उपभोक्ता में जिले में कुल 20 एलपीजी गैस एजेंसियां सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से 2,07,101 गैस उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है।
इससे पहले जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले श्रवण कुमार हिमालयन ने विभागीय कार्यप्रणाली और आवश्यक मदों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त सोलन दिव्यांशु सिंगल, जिला विकास अधिकारी रमेश शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव, जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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गुणवत्ता और बिलिंग पर विशेष जोर
मनमोहन शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर बेहतर गुणवत्ता की खाद्य सामग्री मिले और हर खरीद पर बिल अनिवार्य रूप से दिया जाए। मानसून (वर्षा ऋतु) के सीजन को देखते हुए उन्होंने जिले में खाद्य वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने और उनकी क्वालिटी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील के राशन का भी समय-समय पर निरीक्षण करने की बात कही।