नगर निगम ने तैयार किया प्रस्ताव, डीसी कार्यालय से मंजूरी का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में लावारिस कुत्तों के बढ़ते आतंक और लगातार सामने आ रही समस्याओं से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने ठोस कदम उठाया है। शहर के विभिन्न वार्डों में लावारिस कुत्तों के लिए डॉग शेल्टर बनाए जाएंगे। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम की ओर से खाका तैयार कर करीब चार माह पहले प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय को भेज दिया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर मंजूरी मिलते ही शेल्टर निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। योजना के तहत शेल्टर बनने से न केवल आम जनता को लावारिस कुत्तों के काटने और दहशत से निजात मिलेगी, बल्कि कुत्तों को भी सुरक्षित आश्रय स्थल मिल सकेगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, डीसी कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद जमीन चिह्नित करने और बजट आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। शेल्टर में कुत्तों के रहने, खान-पान और एबीसी प्रोग्राम की उचित व्यवस्था की जाएगी, ताकि शहर में इनकी बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाया जा सके।
शहर के कई इलाकों में लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार कुत्तों के झुंड सड़कों और रिहायशी इलाकों में घूमते दिखाई देते हैं। कई बार कुत्ते हिंसक हो जाते हैं और लोगों पर झपट पड़ते हैं। ऐसे में निगम की ओर से शेल्टर बनाने से लोगों को राहत मिलेगी।
अब तक 758 कुत्तों की हुई नसबंदी
शहर में कुत्तों का नसबंदी अभियान जारी है। नगर निगम की ओर से सप्ताह के हर मंगलवार को कुत्तों की नसबंदी की जाती है। हर सप्ताह 27 कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा जाता है। अब तक लगभग 758 कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। कुत्तों की नसबंदी के बाद उनकी उचित देखभाल की जिम्मेदारी हमारी आकांक्षा ट्रस्ट की है। ट्रस्ट ही कुत्तों के खाने-पीने और रहने की व्यवस्था कर रहा है। साथ ही कुत्तों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन भी लगाए जा रहे हैं, जिसका असर एक साल तक रहेगा। इससे कुत्तों में रैबीज फैलने का खतरा कम होगा। कुत्तों के कान पर कट का निशान नसबंदी की निशानी है।
वार्डों में डॉग शेल्टर बनाने के लिए प्रस्ताव जारी कर दिया है। अब उपायुक्त कार्यालय से मंजूरी का इंतजार है। उपायुक्त कार्यालय से मंजूरी मिलते ही वार्डों में डॉग शेल्टर बनाने का काम शुरू किया जाएगा।
-सुषमा शर्मा, महापौर, नगर निगम शिमला