संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कोविड काल में ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को मोबाइल फोन की लत लग गई जबकि अभिभावकों की जेब पर रिचार्ज का बोझ बढ़ गया। अभिभावकों को हर माह 250 से 500 रुपये तक का रिचार्ज करना पड़ रहा है।
स्कूल खुलने के बाद अभिभावकों को उम्मीद थी कि बच्चे पढ़ाई में व्यस्त हो जाएंगे और मोबाइल भी छूट जाएगा। हालांकि अधिकतर बच्चे अभी भी स्कूल से घर पहुंचते ही खाना-पीना छोड़कर मोबाइल पकड़ लेते हैं। बच्चे नया फोन लेने की भी मांग अभिभावकों से कर रहे हैं। इससे अभिभावकों की परेशानी भी बढ़ गई है। बच्चों में मोबाइल की लत छुड़ाना अभिभावकों के लिए मुश्किल हो गया है।
मोबाइल लेकर कमरे में हो जाते हैं बच्चे बंद
अभिभावक सुनील ने बताया कि छोटे-बड़े बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं के बाद मोबाइल की लत लग गई है। बच्चे मौका देखते ही फोन पकड़ कमरे में बंद हो जाते हैं। फोन लेने पर नाराज होकर खाना तक नहीं खाते। हालांकि स्कूल खुलने के बाद फोन का प्रयोग घटा है।
मौका मिलते ही बच्चे उठा लेते फोन
अभिभावक विजय ने बताया कि बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए घर पर बच्चों के साथ खेल गतिविधियां करवाई जा रही हैं। इसमें एक स्थान आस-पड़ोस के बच्चे एकत्रित होकर क्रिकेट, दौड़, बैडमिंटन खेल रहे हैं। धीरे-धीरे उनकी मोबाइल की लत खत्म होने की उम्मीद है।
मोबाइल लत छुड़ाने के लिए बेच दिया स्मार्ट फोन
अभिभावक आशीष ने बताया कि बच्चे घर पहुंचते ही बच्चे फोन की जिद्द शुरू कर देते थे। खाना खाते समय उन्हें फोन चाहिए था। बच्चों की फोन की लत देखकर उन्होंने अपना स्मार्ट फोन ही बेच दिया। अब एक सामान्य फोन लिया लेकिन बच्चे फोन से दूर हो गए हैं।