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पिछली बरसात में खराब सड़कें अभी तक दुरुस्त नहीं

Mon, 13 Jun 2016 11:28 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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मानसून इसी माह आ जाएगी। लेकिन पिछले मानसून में खराब सड़कें अभी तक दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। - फोटो : अमर उजाला
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मानसून इसी माह आ जाएगी। लेकिन पिछले मानसून में खराब सड़कें अभी तक दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। रेन डैमेज रिपोर्ट तैयार करके अफसरों ने तुरंत सरकार को तो सौंप दी थी। अफसोस इसका फालोअप सही ढंग से नहीं किया और हालत यह है कि अभी तक पिछले मानसून में खराब सड़कों की हालत नहीं सुधरी। हालांकि विभाग का दावा है कि बजट के हिसाब से सड़कों को दुरुस्त कर दिया है। लेकिन यह महज औपचारिकता है।
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 सड़कों की हालत दयनीय है। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोलन-जौणाजी सड़क की ग्राउंड रिपोर्ट सड़कों की हकीकत को बयां करती है। बडजौल से शिल्ली तक सड़क के बुरे हाल हैं। ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। हल्की बारिश सड़क पर कहर बनकर बरसती है और उसे खराब कर देती है। बारिश का पानी गड्ढों में एकत्र होकर मुसीबत खड़ी कर रहा है।

लोनिवि के एसई बीके शर्मा ने कहा कि बजट के हिसाब से सड़कें दुरुस्त करवाई जाती रहती हैं। सोलन-जौणाजी मार्ग का कुछ हिस्सा दुरुस्त कर दिया है। कुछ हिस्से में काम होना बाकी है।
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12 बजे से एक दस तक
दिन सोमवार : समय 12 बजे। स्थान सोलन से जौणाजी मार्ग। सीटी चौकी से करीब डेढ़ किलोमीटर तक मार्ग की हालत तकरीबन ठीक ठाक है। सड़क के किनारे पानी निकासी की नालियां भी सही हैं। पैदल चलने पर 12.25 मिनट पर बजड़ोल में पहुंचे तो सड़क गड्ढों से भरी नजर आई। गड्ढा में पानी भी एकत्र था। यहां निकास नाली गायब है। कहने को तो विभाग के मुताबिक पैचवर्क हुआ है लेकिन कुछ ऐसा दिखाई नहीं दिया। करीब एक किमी तक सड़क की हालत ऐसी ही है। करीब दो किलोमीटर आगे तक शिल्ली तक सड़क की हालत खस्ता है।

रिपेयर महज औपचारिकता
जौणाजी धारों के परमिंद्र सिंह ने बताया कि वह प्रतिदिन काम से जौणाजी से सोलन को आते रहते हैं। लेकिन मार्ग की खस्ताहाल से उन्हें परेशानी होती है। मार्ग में गड्ढे ही गड्ढे हैं। हर सीजन में मरम्मत महज औपचारिकता भर होती है। उन्होंने सड़क को दुरुस्त करने की मांग की है।

उत्पाद पहुंचाने में होती है परेशानी
कनाह गांव के ग्रामीण मनोज कुमार ने कहा कि मार्ग की हालत खस्ता है। उन्हें पैदावार को सब्जी मंडी तक पहुंचाने में परेशानी आती है। गड्ढों में तबदील सड़कों पर गाड़ी में सामान भी कम लोड होता है। यही नहीं गाड़ी चालक भी इस मार्ग पर आने से कतराते हैं। कई बार पैदावार मंडी तक पहुंचाना दिक्कत भरा होता है।

नए सिरे से तैयार करें सड़क
अश्वनी खड्ड के मनीष कुमार ने कहा कि विभाग द्वारा कालाघाट से शूलिनी मार्ग तक पेचवर्क किया है। लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ। सड़कों में पानी अभी तक रुका पड़ा है। पैच भी खराब भरे हैं। गड्ढों से जंप भी अधिक लगते हैं। उन्होंने मार्ग को सिरे से तैयार करने की मांग की है।

दुर्घटना होने का अंदेशा
शिल्ली के सन्नी ने कहा कि करीब एक साल से सड़क खस्ताहाल में है लेकिन अभी तक संबंधित विभाग ने इसे दुरुस्त करने का जिम्मा नहीं किया। पिछले मानसून में सड़क खराब हुई थीं। इन्हें अभी तक ठीक नहीं किया जा सका है। इससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
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