सुबाथू(सोलन)। छावनी परिषद सुबाथू की अंतिम बोर्ड बैठक के दौरान छावनी अस्पताल में चल रही लैब को हेल्थ फोलियो कंपनी ने अधिकारियों के समक्ष भविष्य में सेवाएं जारी रखने में असमर्थता जताई है। इस कारण लंबे समय से सुबाथू छावनी अस्पताल में चल रही लैब सुविधा का कोई हल नहीं निकल पाया है। बीते दिनों छावनी अस्पताल के आरएमओ ने छावनी अधिकारियों को त्याग पत्र दिया है। इस पर बोर्ड ने अपनी सहमति दर्ज करवाई है।
इसके बाद छावनी अस्पताल में आरएमओ का पद नहीं भरने तक मरीजों की समस्या बढ़ सकती है। बोर्ड अध्यक्ष ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी जल्द सुचारु रूप से चलाने के आदेश दिए हैं। सुबाथू-सोलन मार्ग पर एसबीआई बैंक के समीप पार्किंग की व्यवस्था बनाए जाने पर भी सहमति बनाई गई। 2021 की अंतिम बोर्ड बैठक में सुबाथू के दर्जनों लोगों ने भाग लिया। इसमें अधिकतर लोगों ने छावनी अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। अधिकारियों ने सभी लोगों की समस्याओं का समाधान करने पर विचार भी किया। वरिष्ठ नागरिक विनोद माड़िया ने छावनी अध्यक्ष के समक्ष परिषद की पोल भी खोल दी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से परिषद कर्मचारियों ने मांगी गई आरटीआई को रोककर रखा है।
मकान का इंतकाल हुआ और छलक पड़े आंसू
बोर्ड बैठक में पूर्व छावनी उपाध्यक्ष रहे स्व. ईश्वर देव कंवर की संपत्ति का इंतकाल उनकी पत्नी कांता कंवर के नाम किए जाने पर जैसी ही छावनी अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाई तो उनकी दोनों बेटियों की आंखों से आंसू छलक गए। पिता को खोने के बाद भावुक हुईं वंदना व योगिता ने कहा कि उनके पिता स्व. ईश्वर देव कंवर ने छावनी उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए सुबाथू वासियों को पूरा सहयोग दिया लेकिन कुछ बोर्ड सदस्यों ने उनके मकान के इंतकाल को राजनैतिक भावना से रोक रखा था। आज जब छावनी अधिकारियों ने उनके परिवार को राहत तो दिलवाई लेकिन उनके पिता ही नहीं रहे।