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अब कॉलेज से ही प्रोफेशनल होकर निकलेंगे विद्यार्थी

Mon, 14 Nov 2016 09:51 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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भागमभाग जिंदगी में कम्यूनिटी कॉलेज का ताजा कंसेप्ट शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। - फोटो : demo pic
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भागमभाग जिंदगी में कम्यूनिटी कॉलेज का ताजा कंसेप्ट शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। खासकर उद्योग बाहुल क्षेत्रों में कम्यूनिटी कॉलेज का क्रियान्वयन रोजगार सृजन के साथ किसी भी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का मादा रखता है।
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समुदाय के सर्वेक्षण के आधार पर युवाओं के अलावा अन्य वर्ग उपलब्ध करवाने के लिए रोजगार को चिन्हित करना और उसी के मुताबिक उद्योगों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम तैयार करके प्रोफेशनल निकालना, कम्यूनिटी कॉलेज की खासियत है। ऐसे में कॉलेजों में पढ़कर विद्यार्थी अपने समुदाय में रहकर उद्योगों में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। ऐसी ही सोच को उजागर करते हुए धर्मपुर में कम्यूनिटी कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में इस विषय पर मंथन किया गया।
 
एमएस पंवार कम्यूनिटी एंड टेक्निकल कॉलेज सोलन के तत्वावधान में यह कार्यक्रम हुआ। इसमें केरल, आंध्रप्रदेश, नागालैंड, पंजाब, हरियाणा, असम और हिमाचल के कम्यूनिटी कॉलेज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें ऑल इंडिया रेडियो शिमला के निदेशक डॉ. देवेंद्र जोहल वशिष्ठ अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान कौशल विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। कहा कि आने वाले 20 वर्षों में भारत में कौशल विकास में 32 फीसदी की ग्रोथ होने की संभावना है जबकि अन्य देश में यह ग्रोथ मात्र चार फीसदी में सिमट जाएगी। इसमें कम्यूनिटी कॉलेज मुख्य भूमिका निभा सकते हैं।
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यूजीसी की अप्रूवल मिलनी जरूरी : वाजपेयी
कार्यशाला का शुभारंभ प्रदेश विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने किया। कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में जरूरत आधारित कोर्स करवाने वाले कम्यूनिटी कॉलेज कंसेप्ट को बढ़ावा देने की जरूरत है। यह पढ़ाई पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से भिन्न होती है। इसमें खुलापन लाने की जरूरत है। पारंपरिक और कम्यूनिटी कॉलेजों की शिक्षा प्रणाली में संतुलन की आवश्यकता पर भी बल दिया। कॉलेजों को क्षेत्र की जरूरत और रोजगार युक्त कोर्स शुरू करवाने होंगे। तभी नौजवानों का कौशल बढ़ेगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कार्यशाला में पहुंचे कम्यूनिटी कॉलेज के संचालकों से भी राज्य की जरूरत के मुताबिक कम्यूनिटी कोर्स शुरू करवा करने का आह्वान किया। इस प्रकार की कार्यशाला में संवाद के माध्यम से नए और सृजनात्मक सोच विकसित होती है। कम्यूनिटी कालेजों में चलाए जा रहे कोर्स को यूजीसी की अप्रूवल मिलने पर बल दिया। समापन में उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अमरदेव ने शिरकत की।

डॉ. पंवार ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम की अध्यक्षता एमएस पंवार कम्यूनिटी कॉलेज के चेयरमैन डॉ. बीएस पंवार ने की। उन्होंने अमेरिका के विभिन्न कम्यूनिटी कॉलेजों में एजूकेशन प्रोग्राम के तहत हासिल किए अनुभवों को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। अमेरिका में कम्यूनिटी कालेजों को प्रचलन बढ़ा है। इससे न केवल एजूकेशन के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित हुए हैं बल्कि रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। इस दौरान स्काइप के माध्यम से अमेरिका की मीशिगन यूनिवर्सिटी की स्कॉलर जीलियन ग्रोस ने प्रतिभागियों से अपने अनुभव साझा किए। इसी तरह लोवा स्टेड यूनिवर्सिटी की एसोसिएट डीन लिंडा सिरा ने भी स्काइप से विचार साझा किए।

इन्होंने भी विचार किए साझा
इस मौके पर सोलन कम्यूनिटी के डीन प्रो. टीडी वर्मा, आंध्रप्रदेश के एसवीआरएम कॉलेज के डॉ. जी राव, डॉ. सुधाकर राव, एस गडे श्रीनिवासन, असम के टेलीविजन एवं फिल्म इंस्टीट्यूट के नोडल ऑफिसर डॉ. बिमल कृष्णा शर्मा, फारूक इकबाल, डॉ. के सुरेन आंध्रप्रदेश, हार्दिक मेहता, नागालैंड की नजानमओंजी, टीई मारिथा, हैदराबाद की अंजू मेनन, मनमोहन कॉलेज पटियाला से डॉ. सविंद्र सिंह, असम के डॉ. बीसी नेयोग, डॉ. जी अधिवरव ने विचार साझा किए।
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