शहर में पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए वार्ड स्तर पर स्टोरेज टैंक बनाने की मुहिम रंग लाने लगी है। नगर परिषद ने 4 वार्डों में टैंक बनाने के लिए जगह चिन्हित कर ली है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसमें शहर के वार्ड 2, 3, 11 और 14 में इन टैंकों का निर्माण होगा। नगर परिषद की अगर शहर के विभिन्न वार्डों में टैंक बनाने की योजना सफल रहती है तो आने वाले समय में शहरवासियों को पानी की समस्या से निजात मिलने की पूरी उम्मीद है। शहर में 15 वार्ड हैं।
शहर में पानी की समस्या को देखते हुए नप ने हर वार्ड के पार्षद अपने क्षेत्र में टैंक बनाने के लिए जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए थे। करोड़ों रुपये की गिरि और अश्वनी पेयजल योजनाओं के बावजूद शहर में पानी की किल्लत विकराल हो रही है। इसी के चलते नप ने हर वार्ड में पेयजल भंडारण टैंक बनाने का फैसला लिया था। प्रत्येक टैंक की क्षमता 2 लाख गैलन पानी स्टोर करने की रहेगी। मुख्य टैंकों के माध्यम से पहले सप्लाई इन टैंकों में जाएगी। इसके बाद संबंधित वार्डों को सप्लाई होगी। प्रारंभिक चरण में दो वार्डों के लिए एक वाटर स्टोरेज टैंक का निर्माण किया जा रहा है।
यदि यह फंडा कामयाब रहा तो प्रत्येक वार्ड का अलग से वाटर स्टोरेज टैंक बनेगा। इसके संचालन का जिम्मा नगर परिषद के पास ही होगा। अधिकारियों का दावा है कि इस व्यवस्था से सोलन शहर में बिना रुकावट पानी की सप्लाई लोगों को मुहैया होगी। वहीं नप के अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए बजट भी पूरा है। वर्तमान में अश्वनी परियोजना से पानी की सप्लाई ठप है। गिरि से पानी आ रहा है लेकिन पानी क्षमता के मुताबिक नहीं
मिल रहा।
वार्ड 2, 3, 11 और 14 में बनेंगे टैंक
नगर परिषद ने वार्ड 2, 3, 11 और 14 में वाटर टैंक बनाने के लिए भूमि चिन्हित कर ली हैं। साथ ही डीपीआर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद जल्द ही टैंक बनाने के लिए नप टेंडर जारी करेगा। इसके बाद टैंक के निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा। इसके साथ ही कई निजी भूमि मालिकों और सामाजिक संस्थाओं से नप द्वारा बात की जा रही है जो कम दामों पर परिषद को जमीन दे सके।
वर्तमान में यह है पेयजल स्थिति
सोलन में पानी की सप्लाई आईपीएच और नगर परिषद करता है। आईपीएच अश्वनी और गिरि से पानी लिफ्ट करके टैंक रोड तक पहुंचता है। इसके बाद पानी को शहर में सप्लाई किया जाता है। शहर की लगभग 60 हजार की आबादी को हर रोज लगभग 30 से 35 लाख गैलन पानी की जरूरत रहती है। लेकिन वर्तमान में आईपीएच द्वारा नप को केवल 15 से 20 लाख गैलन पानी ही मिल रहा है। परिषद के पास जल भंडारण का कोई और विकल्प नहीं होने से पानी की समस्या रहती है।
मेन सप्लाई से जुड़ेंगे यह स्टोरेज टैंक
विभिन्न वार्डों में बनने वाले पानी के टैंकों को सीधे मेन टैंक के साथ जोड़ा जाएगा। इससे लगभग 16 लाख गैलन पानी को स्टोर किया जा सकेगा। वर्तमान में नप तीन टैंकों में पानी का भंडारण करता है। इनकी क्षमता 38 लाख गैलन है। वही इन टैंकों के बनने के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी की पाइपों के जाल से भी मुक्ति मिलेगी तथा पेयजल किल्लत भी हल होगी।
पेयजल किल्लत से मिलेगी राहत
15 वार्डों में विभाजित शहर की लगभग 60 हजार आबादी को इन टैंकों के बनने से सीधा लाभ होगा। इसके साथ ही अगर भविष्य में किसी कारण अश्वनी और गिरि से होने वाली पानी की सप्लाई बाधित होती भी है तो भी शहर में बिना रुकावट पानी मिल सकेगा।
जल्द शुरू होगा कार्य : बीआर नेगी
नगर परिषद के ईओ बीआर नेगी ने बताया कि शहर के विभिन्न वार्डों में बनाए जाने वाले इन टैंकों का कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। इस कार्य के लिए नप डीपीआर बनवा रही है। कुछ वार्डों में जमीन के चयन का कार्य किया जाना शेष है। इससे सोलन में पेयजल किल्लत से निजात मिलेगी। मुख्य टैंक के अलावा वार्ड स्तर पर भी पानी की स्टोरेज की सुविधा होगी।