हिंदी प्रवक्ता, प्राचार्य और गैर शिक्षकों के कई पद हैं खाली
काॅलेज के 120 विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में आ रही है दिक्कतें
भवन के अभाव में छह साल से स्कूल बिल्डिंग में चल रहा महाविद्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
रामशहर (सोलन)। वर्ष 2017 में रामशहर में खुले काॅलेज में स्टाफ की किल्लत से विद्यार्थी परेशान हैं। कई प्रवक्ताओं के रिक्त होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इतना ही कॉलेज के पास अपना भवन भी नहीं है। वर्तमान में पांच कमरों में यह काॅलेज चल रहा है। काॅलेज में 120 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं लेकिन प्रवक्ता और गैर शिक्षकों के पद रिक्त होने से बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है।
रामशहर में पूर्व वीरभद्र सिंह सरकार ने वर्ष 2017 में काॅलेज खोला गया था। काॅलेज खोलने की अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि जब तक काॅलेज का भवन नहीं बनता तब तक स्कूल के भवन में यह काॅलेज चलेगा। इसकेे लिए रामशहर स्कूल के पांच कमरे काॅलेज को दिए गए। वहीं यहां पर जहां भवन की किल्लत थी, वहीं शिक्षकों के पद भी रिक्त ही रह गए। काॅलेज में हिंदी प्रवक्ता का पद खाली पड़ा है। प्राचार्य भी नहीं है। प्रो. सतविंद्र सिंह को कार्यकारी प्राचार्य बनाया गया है। उन्हें अपने विषय पढ़ाने के साथ-साथ यह अतिरिक्त कार्य भी करना पड़ रहा है। काॅलेज में अधीक्षक का पद कई माह से खाली पड़ा। अधीक्षक का बीमारी से निधन हो गया था उसके बाद से यहां पर कोई भी नया अधीक्षक नहीं आया। वरिष्ठ सहायक और लिपिक का पद भी खाली है। वर्तमान में एक जेओए ही स्कूल का सारा कार्य देख रहा है।
उधर, कार्यकारी प्राचार्य प्रो. सतविंद्र सिंह ने रिक्त पद होने की पुष्टि करते हुए बताया कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जल्द ही यहां पर रिक्त पदों को भरने का आश्वासन मिला है।