संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नियमो को ताक पर रखकर स्कूल बस, निजी वाहनों समेत ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चों को ढोने के मामले में प्रशासन हरकत में आया है। पुलिस ने टीम गठित कर निजी स्कूल बसों की जांच शुरू कर दी है।
इस दौरान परवाणू, कसौली और धर्मपुर में बीस बसों की जांच की गई। जिसमें आठ स्कूल बसों में अनियमितताएं पाई गई। वहीं सोलन में यातायात प्रभारी राकेश गुलेरिया ने निजी स्कूल प्रबंधकों के साथ बैठक कर तीन दिन में सभी व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के आदेश दे दिए है। जिसके बाद कार्रवाई शुरू हो जाएगी। अमर उजाला ने इसके अभियान छेड़ा था, जिसमें ग्राउंड रिपोर्ट भी तैयार की थी।
जानकारी के अनुसार शिक्षा हब सोलन के 50 फीसदी छोटे-बड़े निजी स्कूल प्रबंधन बच्चों को ट्रांसपोर्ट की सुविधा दे रहे हैं। लेकिन इस सुविधा के नाम पर कई निजी स्कूल संचालक नौनिहालों की जान खतरे में भी डाल रहे हैं।
डीएसपी परवाणू प्रणव चौहान की अध्यक्षता में पुलिस टीम ने परवाणू, कसौली और धर्मपुर में नाका लगाकर बीस निजी स्कूल बसों की जांच की है। जिसमें कसौली की तीन बसों में ओवरलोडिंग और एक बस बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के पाई गई।
वहीं परवाणू में पांच वाहनों के चालान काटे गए हैं। इसमें चालक-परिचालक बिना वर्दी, बिना लाइसेंस और फिटनेस प्रमाण पत्र के बिना बस चला रहे थे। हालांकि धर्मपुर में सभी व्यवस्थाएं सही पाई गईं। पुलिस ने आठ बसों के स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए हैं कि वे बसों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करवाएं। उसके बाद ही वे बसों को सड़क पर दौड़ा पाएंगे।
डीएसपी परवाणू प्रणव चौहान ने बताया कि स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दे दिए है, स्कूल वाहनों में अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। आठ बसों के चालान किए गए हैं। यह कार्रवाई आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। यातायात प्रभारी सोलन राकेश गुलेरिया ने बताया कि स्कूलों को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी। निजी गाड़ियों और ऑटो में अधिक संख्या में बच्चों को ढोने पर भी जल्द कार्रवाई होगी।