जिला स्तरीय मेला को लेकर सजा श्री गुग्गा जी महराज का मंदिर। संवाद
सुबाथू क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नहीं काटता सांप
लंबे समय से आस्था का प्रतीक है श्री गोगा माड़ी सुबाथू
संवाद न्यूज एजेंसी
सुबाथू(सोलन)। श्री गोगा माड़ी सुबाथू निर्माण की कहानी रोमांचक ही नही बल्कि हजारों लोगाें की आस्था पर भी आधारित है। मान्यता है कि माड़ी स्थान होने से यहां के लोगों को सांप नहीं काटता क्योंकि गोगा उनकी रक्षा कर रहे हैं। बाबा के विराजमान रहते इस इलाके में आजतक सांप के काटने की कोई घटना नहीं हुई है। वहीं सर्पदोष से मुक्ति के लिए भी लोग यहां पर पूजा करते हैं।
बताया जाता है कि वर्षों पहले वाल्मीकि परिवार से संबंध रखने वाले दो भाइयों को गुग्गा माड़ी की स्थापना को लेकर सपना आया। इसके बाद दोनों भाईयों ने माड़ी बनाने की योजना बनाई लेकिन माड़ी का स्थान चुनने के लिए विचार करने लगे। स्थान चुनने के लिए निर्णय लेना काफी मुश्किल हो रहा था। उन्होंने फिर एक काले बकरे के गले में लाल डोरा बांधकर खुला छोड़ दिया। पूरे सुबाथू का भ्रमण करने के बाद जहां बकरे ने घुटने टेके, वहीं माड़ी का स्थान निश्चित कर लिया गया। राजस्थान के हनुमानगढ़ में बनी श्री गोगा माड़ी से मिट्टी व ईंटें लाकर सुबाथू में माड़ी की आधारशिला रखी गई थी। धीरे-धीरे इस पवित्र स्थान में लोगों की आस्था व श्रद्धा बढ़ती गई और वर्तमान में यहां माड़ी स्थापित है। माड़ी मन्नतों के लिए भी प्रसिद्ध है। इसकी के उपलक्ष्य में यहां पर हर साल मेला लगता है।
इनसेट
लोगों ने की जमकर खरीदारी
उधर, श्री गोगा माड़ी मेले के दूसरे दिन सैकड़ों लोग दोपहर को मेले में पहुंचे। मेले में तरह-तरह की दुकानें लगी हैं, जिसमें लोगों ने खरीदारी का खूब लुत्फ उठाया। इसमें घरेलू सामानों से लेकर सजावटी सामान की अधिक दुकानें लगाई गई हैं। लोग दूर-दूर से मेले से खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं मेला स्थल को भी तरह-तरह की रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है।