संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। संक्रमण के चलते इस बार पिछले वर्ष की तुलना में धान का कम उत्पादन हुआ। पिछले वर्ष 1,030 किसानों ने 42,000 क्विंटल धान बेचा था लेकिन अभी तक किसानों की संख्या 1,055 हो गई है लेकिन धान 32,000 क्विंटल ही मंडी में पहुंचा है।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रोग से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। नालागढ़ और मलपुर में अभी तक 32,000 क्विंटल किसानों का धान खरीद लिया गया है। पिछले साल 42,000 क्विंटल धान दिसंबर तक खरीदा गया था। अभी तक 6,75,68,000 रुपये का धान किसानों से खरीदा गया है।
पहले बीबीएन के किसान अपने धान पंजाब की मंडियों में बेचते थे लेकिन पिछले साल से पंजाब में जमीन की फर्द लगने से हिमाचल के किसानों का धान पंजाब में खरीदना बंद हो गया।
अब भारतीय खाद्य निगम और राज्य खाद्य आपूर्ति निगम ही किसानों का धान खरीद रहे हैं। पिछले साल धान की खरीदी देरी से हुई थी और 31 दिसंबर तक 1,030 किसानों से 42,000 क्विंटल धान खरीदा गया।
इस वर्ष खरीद जल्द शुरू होने के बावजूद मंडी में कम धान पहुंचा। इसका मुख्य कारण धान में बीमारी लगना माना जा रहा है। इस बार कई हेक्टेयर भूमि में धान की फसल बीमारी के चलते चौपट हो गई थी।
नालागढ़ में एफसीआई धान की खरीदी कर रही है। यहां पर 426 किसानों से 12,230 क्विंटल धान अभी तक खरीदा गया। बद्दी के मलपुर में राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम धान की खरीद कर रहा है। यहां पर 629 किसानों से 19,849 क्विंटल धान खरीदा गया।
नालागढ़ के कृषि उपज मंडी के प्रभारी गंगा राम ने बताया कि अभी तक नालागढ़ और मलपुर में 1,055 किसानों से 32,080 क्विंटल धान खरीद लिया गया है। किसानों के खातों में 6,75,68,000 रुपये डाल दिए गए हैं। इस बार पिछले साल से 100 रुपये प्रति क्विंटल अधिक दाम दिया जा रहा है।