संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर/सोलन। जिले के धर्मपुर अस्पताल में दुर्घटना के बाद किसी घायल को घाव में टांके लगवाने वाला धागा भी खुद साथ लाना होगा। धागा साथ नहीं लाते हैं तो मरीज को यहां से सोलन या अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाएगा।
इन दिनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर में कुछ ऐसी बदहाली का आलम है। हैरत की बात यह है कि आपात स्थिति में उपयोग आने वाला सामान भी मौजूद नहीं है। इसके लिए भी पीड़ित को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। ऐसे में अस्पताल फिर चर्चाओं में आ गया है। इस पर न तो महकमा ध्यान दे रहा है और न ही अस्पताल प्रशासन। इसका खामियाजा आपात स्थिति में आने वाले गंभीर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर स्थित होने के चलते अतिसंवेदनशील श्रेणी में आता है। यहां पर धर्मपुर ही नहीं बल्कि जाबली, सुबाथू समेत आसपास की करीब एक दर्जन पंचायतों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। हाईवे पर भी दुर्घटना के बाद आपात स्थिति में मरीज को धर्मपुर अस्पताल लाने पर रेफर कर दिया जाता है। इसके चलते पीड़ित का दर्द कम होने के बजाय बढ़ रहा है।
नहीं हो रहे एक्सरे
सीएचसी धर्मपुर में आपातस्थिति में आने वाले मरीजों को एक्स-रे की सुविधा भी नहीं मिल रही है। इसके लिए भी पीड़ित मरीज को एक्सरे के लिए सोलन जाना पड़ रहा है। कई बार स्थानीय लोगों ने एक्सरे सुविधा देने की मांग कर चुके है। लेकिन अस्पताल में एक्सरे नहीं हो रहे हैं। इससे पहले भी अस्पताल में तीन दिन ही एक्सरे हो पाते थे।
केस स्टडी
धर्मपुर बाजार से घर लौट रहे एक बुजुर्ग व्यक्ति रास्ते में अचानक गिर गए। इस कारण बुजुर्ग व्यक्ति के सिर पर चोट आई। जिन्हें उपचार के लिए तुरंत उपचार के लिए सीएचसी धर्मपुर ले जाया गया। चिकित्सक ने आपात स्थिति में जांच की और घाव पर टांका लगाने के बजाए बुजुर्ग को निजी अस्पताल रेफर कर दिया। इस दौरान सामान उपलब्ध न होने का कारण परिजनों को बताया।
मामले की होगी जांच
अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कहा गया है। यदि इस प्रकार हुआ है तो इसकी जांच की जाएगी। तुरंत आपात स्थिति में सामान उपलब्ध करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं। अगर आगामी दिनों में इस प्रकार की कोताही बरती जाएगी तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. राजन उप्पल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन