नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के अस्पताल में पिछले दो वर्षों से रेडियोलॉजिस्ट का पद खली चल रहा है। इसके चलते लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं बीते वर्ष मेडिसन विशेषज्ञ भी सेवानिवृत्त हो गए हैं। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास कर गर्भवती महिलाएं और बुर्जुगों को दिक्कतें आ रही हैं। जिन्हें अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। जिससे दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को आने-जाने में भी लंबा समय खोना पड़ रहा है। वहीं रेडियोलॉजिस्ट और मेडिसन विशेषज्ञ न होने से मरीजों को मजबूरी में निजी क्लीनिकों और अस्पतालों के धक्के खाने पर मजबूर होना पड़ता है।
हालांकि रेडियोलॉजिस्ट के बारे में अस्पताल प्रशासन की ओर से उच्चाधिकारियों को अवगत कर दिया है। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उधर, खंड चिकित्सा अधिकार डॉ. मुक्ता रस्तोगी न बताया कि उन्होंने इस बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। ट्राॅमा सेंटर के लिए मशीनरी और स्टाफ के आने के बाद ही इसे चालू किया जाएगा।
ट्राॅमा सेंटर में भी नहीं भेजी मशीनरी और स्टाफ
यही नहीं अस्पताल में ट्राॅमा सेंटर खोल रखा है लेकिन यहां पर न तो मशीनरी आई है और न ही पर स्टाफ भेजा गया है। पूर्व सरकार ने चुनाव से पहले इस ट्राॅमा सेंटर का उद्घाटन भी कर दिया था लेकिन स्टाफ व मशीनरी के अभाव में यह सेंटर शो पीस बना हुआ है।
पिछली सरकार ने दर्जे तो बढ़ाए पर नहीं भेजा स्टाफ
पिछली सरकार ने यहां पर पहले 100 और बाद में 200 बिस्तर का दर्जा बड़ा कर अधिसूचना जारी तो कर दी थी। लेकिन यहां पर चिकित्सक और स्टाफ नहीं भेजा गया। यहां पर प्रति दिन 800 से ज्यादा ओपीडी होती है लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में रोगियों को परेशानी उठानी पड़ती है।