संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। मानपुरा थाने के तहत एक प्रवासी कामगार ने कर्ज के बोझ में दबे होने से पेड़ में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
बिहार के जिला पूर्वी चंपारन के तहसील संग्रामपुर के गांव इजरा निवादा निवासी चुन्नी लाल (30) पुत्र राजेंद्र राम चनाल माजरा में किराये के मकान में रहता था। इसी गांव में वह राज मिस्त्री का कार्य करता था।
बुधवार को वह काम पर गया और शाम को वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने इसकी तलाश की तो चनाल माजरा में एक दवा कंपनी के साथ लगते खड्ड में जामुन के पेड़ में उसका शव लटका मिला।
उन्होंने इसकी सूचना मानपुरा पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर जाकर उसे पेड़ से नीचे उतारा।
डीएसपी प्रियंक गुप्ता ने बताया कि मृतक व्यक्ति अपने पत्नी और सात बच्चों को छोड़ गया। इसके पास छह बेटियां और एक बेटा है।
इस पर कमरे का किराया और राशन वालों का करीब 50,000 रुपये कर्जा चढ़ा था। कर्जे से परेशान होकर इसने आत्महत्या का कदम उठाया।
पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव उसके चचेरे ससुर मुन्नी लाल को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।