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महिलाओं से अपराध के सैकड़ों मामले दर्ज, आवाज करें बुलंद

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सोलन राजकीय कन्या विद्यालय में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम के दौरान मौजूद मुख्यतिथि अध्यापक व - फोटो : SOLAN
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सोलन। महिलाएं आत्मरक्षा और अपने मनोबल से अपराजिता बन सकती हैं। महिलाओं में कानूनी ज्ञान की कमी से वे अपनी बात पहुंचाने में असमर्थ हो जाती हैं और अन्याय सहती हैं। इससे अन्याय सहने वाला भी जुर्म का भागीदार बन जाता है जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं। वर्तमान में नारी की असुरक्षा के कई कारण जिम्मेवार है।
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सरकार, प्रशासन और समाज कई तरह से महिलाओं की मदद कर रहे हैं। इसके बावजूद जिले में महिलाओं से अपराध संबंधी सैकड़ों मामले दर्ज हुए हैं। यह बात डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने बुधवार को कन्या विद्यालय सोलन में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में डीएसपी सोलन रमेश शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
उन्होंने छात्राओं को पोक्सो, ह्युमन ट्रैफिकिंग समेत भारतीय दंड संहिता के तहत धाराओं के बारे में जानकारी दी। सरकार की ओर से चलाई जा रही हेल्पलाइन और पुलिस थाना के कामकाज के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बेटियां हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही है।
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विडंबना यह है कि समाज में कई तरह के विरोध महिलाओं को सहने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी गलत कार्य उनके साथ हो रहा है तो इसके खिलाफ आवाज जरूर उठाएं। उन्होंने छात्राओं को साइबर क्राइम से बचने के टिप्स दिए तथा महिला शक्ति एप बटन और अन्य हेल्पलाइन की जानकारी दी। स्कूल के कार्यकारी प्रधानाचार्य राजेंद्र बंसल ने बच्चों को संबोधित किया और मुख्यातिथि का स्वागत किया।
महिलाओं से संबंधित 60 मामले दर्ज
डीएसपी रमेश शर्मा ने बताया कि जिला में महिलाओं से संबंधित और अलग-अलग घटनाओं में एक साल के भीतर 60 मामले दर्ज हैं। इनमें मर्डर का एक, अपहरण के 37, छेड़छाड़ के तीन समेत अन्य मामले हैं। इन पर पुलिस की कार्रवाई चली हुई है। उन्होंने कहा कि कोई घटना घटित होती है तो वे अपनी जानकारी 112, 1091 और शक्ति बटन एप से दे सकती हैं।
बेटियों को क्यों नहीं मिलता अधिमान : सिमरन
छात्रा सिमरन नेगी ने प्रश्न पूछा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के बारे में जागरूक किया जाता है लेकिन आज भी लड़कियों को क्यों अधिमान क्यों नहीं दिया जाता। डीएसपी ने कहा कि ग्रामीण परिप्रेक्ष्य में ऐसा हो सकता है लेकिन अब बेटियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। समाज की धारणा पूरी तरह से बदल गई है।
सुनसान रास्ते में कोई घटना हो तो क्या करें : राधिका
राधिका ने पूछा कि अगर हम सुनसान रास्ते में हो और हमारे पास फोन व अन्य न हो इस दौरान कोई घटना घट जाए तो किसकी सहायता लें। डीएसपी रमेश ने कहा कि अगर कभी इस प्रकार की स्थिति आ जाए तो अपनी मनोबल बढ़ा लें। इसी के साथ जोर से चिल्लाएं और इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को दी जा सकती है और पंचायतों में भी रिपोर्ट साझा कर सकते हैं।
फोन गुम होने पर कैसे करें शिकायत : प्ररेणा
प्ररेणा ने प्रश्न पूछा कि स्मार्ट फोन गुम होने पर जो शिकायत दर्ज होती है, उसे क्या कहते हैं। इस पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं। डीएसपी ने जवाब दिया कि इसे मिसिंग रिपोर्ट कहा जाता है और कार्रवाई होती है। उन्होंने कहा कि कभी भी मोबाइल खरीदें तो डिब्बा संभाल कर रखें। मोबाइल गुम होने के बाद शिकायत के दौरान उस पर लिखे ईएमईआई नंबर की मदद से मोबाइल ट्रेस किया जाता है।
पुलिस कार्रवाई न हों तो क्या करें : मनीषा
मनीषा ने पूछा कि अगर हमने कोई शिकायत पुलिस में दी है और उस पर कोई कार्रवाई न हो तो शिकायत कहा दे सकते हैं। डीएसपी रमेश ने कहा कि अब ऐसा नहीं होता कि कोई शिकायत आने पर अनदेखा हो। शिकायत को लोग अब मुख्यमंत्री सेवा संकल्प पर भी दे सकते हैं। थाना प्रभारी के पास शिकायत दी जा सकती है। डीएसपी, पुलिस अधीक्षक, आईजी और डीआईजी को भी शिकायत दे सकते हैं।
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