इंजेक्शन से लेकर पशुओं के पूरे इलाज को फील्ड स्टाफ मौके से करेगा अपलोड
भारत पशुधन एप पर लोकेशन सहित पशु की तस्वीर भी अपलोड करने के निर्देश
पशुपालकों को आएगा ओटीपी, प्रदेशभर में लगाए जा रहे हैं 25 से 30 लाख टीके
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश में पशुओं में फैल रहे लंपी रोग की रोकथाम और टीकाकरण अभियान में पारदर्शिता के लिए पशुपालन विभाग ने निगरानी व्यवस्था सख्त कर दी है। अब पशुओं के टीकाकरण और उपचार का रिकॉर्ड कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। फील्ड स्टाफ को टीकाकरण और उपचार से संबंधित पूरा ब्योरा रियल-टाइम में ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना होगा। प्रदेशभर में करीब 25 से 30 लाख पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार फील्ड स्टाफ को मौके से ही भारत पशुधन एप पर टीकाकरण और उपचार की जानकारी अपलोड करनी होगी। इसमें पशु को लगाए गए टीके और उपचार का पूरा ब्योरा दर्ज करना होगा। टीकाकरण के दौरान पशु की लाइव लोकेशन के साथ उसकी तस्वीर भी एप पर अपलोड करनी होगी। अभियान में पारदर्शिता के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन व्यवस्था भी शुरू की गई है। फील्ड स्टाफ की ओर से किसी पशु के टीकाकरण या उपचार की जानकारी दर्ज करने पर संबंधित पशुपालक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। पशुपालक की ओर से ओटीपी साझा करने के बाद ही पोर्टल पर एंट्री पूरी मानी जाएगी। इससे फर्जी आंकड़ों पर रोक लगाने के साथ टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जा सकेगी।
पशुपालन विभाग सोलन के उपनिदेशक डॉ. विवेक लांबा ने बताया कि जिले में टीकाकरण अभियान जारी है। अब तक सोलन जिले में 60 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी टीकाकरण का डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। एप पर पशु की तस्वीर और लोकेशन दर्ज होने से मुख्यालय स्तर से अभियान की प्रगति की निगरानी की जा सकेगी।