गंभीर रोगियों को किया जा रहा भर्ती, बेड फुल
क्षेत्र में उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित हैं अधिकतर लोग
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पानी के सैंपल रिपोर्ट का भी इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में डायरिया का प्रकोप अभी भी कम नहीं हुआ है। ईएसआई अस्पताल में पीड़ित लोग उपचार के लिए पहुंचे हैं। सोमवार को हिमाचल दिवस की छुट्टी के चलते कम ही लोग अस्पताल पहुंचे। फिर भी 40 लोग इमरजेंसी में डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे। इनमें से 27 लोग नए मरीज थे, इनमें से भी सात मरीज गंभीर थे, जिन्हें भर्ती किया गया। वहीं कुछ लोग निजी अस्पतालों में भी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। डायरिया मामले आने के बाद से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट है। वहीं आशा वर्कर को फील्ड में जागरूक करने के लिए उतार दिया है। आशा वर्कर की टीम घर-घर जाकर लोगों को आईईसी के माध्यम से जागरूक कर रही है। वहीं ओआरएस और जिंक की गोलियां भी दी जा रही हैं। ताकि किसी भी तरह डायरिया पर रोक लगाई जा सके। डायरिया मामले अचानक बढ़ने के बाद से ईएसआई अस्पताल में बिस्तर भी पूरी तरह से भरे हुए हैं।
अब गंभीर रोगियों को ही अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। हालत स्थिर होने के बाद मरीज को छुट्टी भी दी जा रही है। हैरत की बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू की रोकथाम को लेकर इन दिनों तैयारियां की जा रही हैं। लेकिन इसी बीच डायरिया का प्रकोप अचानक बढ़ गया है। अब डायरिया की रोकथाम के लिए टीमें लग गई हैं।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों परवाणू के सेक्टर एक में अधिक लोग डायरिया से पीड़ित होकर ईएसआई अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से कई मामले अधिक गंभीर थे। जिन्हें जांच के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। लेकिन अब पूरे परवाणू क्षेत्र से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं अब टकसाल पंचायत से भी मामले आ रहे हैं। इसमें भी अधिकतर मरीज पेट दर्द की शिकायत के साथ उल्टी, दस्त होने पर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे।
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डायरिया के लक्षण
-लगातार दस्त होते हैं। शरीर में पानी की कमी हो जाती है। कमजोरी आ जाती है।
-शुरू में बुखार आता है, भूख कम लगती है और सिर में तेज दर्द होता है।
-उल्टियां होती है, पेटदर्द, सुस्ती रहने लगती है।
ऐसे करें बचाव
1. डायरिया से बचाव के लिए पानी उबाल कर पीना चाहिए।
2. शौच जाने के बाद हाथ अच्छे से धोकर खाना खाएं।
3. दस्त लगने पर ओआरएस का घोल मरीज को दें।
4. जितना जल्द हो सके, मरीज को अस्पताल पहुंचाएं।
5. साफ और ढका हुआ खाना ही खाएं।
6. खान-पान में जंक फूड के इस्तेमाल से परहेज करें।
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ईएसआई परवाणू में कुछ दिनों से पेट दर्द, उल्टी और दस्त मामले आने के बाद विभाग पूरी तरह अलर्ट है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसी के साथ अस्पताल में मरीजों का भी उपचार चल रहा है। लोगों से आग्रह है कि पेट दर्द, उल्टी और दस्त होने की शिकायत पर तुरंत अस्पताल का रुख करें।
-डॉ. अमित रंजन तलवाड़
जिला स्वास्थ्य अधिकारी, सोलन