क्षेत्रीय अस्पताल में स्थित क्रस्ना लैब की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। एक मरीज की जांच रिपोर्ट में उसके दादा का नाम दर्ज किए जाने और क्रेटिनिन सीरम के परिणाम में अंतर मिलने के बाद शिकायत सामने आई है। मरीज ने मामले की उचित जांच की मांग की है।
पोते की जांच रिपोर्ट में दादा का नाम
जानकारी के अनुसार, मरीज दीपक ने डॉक्टर के परामर्श पर क्रस्ना लैब में अपनी जांच करवाई थी। रिपोर्ट मिलने पर उसमें मरीज के नाम के स्थान पर उसके दादा प्रेम दत्त का नाम दर्ज पाया गया। मरीज के अनुसार, रिपोर्ट में कुछ जांच परिणाम सामान्य से अधिक थे। इस पर चिकित्सक को संदेह हुआ और उन्होंने किसी अन्य लैब से दोबारा जांच करवाने की सलाह दी।
क्रेटिनिन सीरम की रिपोर्ट में अंतर
क्रस्ना लैब की रिपोर्ट में किडनी से संबंधित क्रेटिनिन सीरम का परिणाम 1.34 दर्ज था। डॉक्टर के परामर्श के बाद निजी लैब में दोबारा जांच करवाई गई, जहां यह परिणाम 0.82 आया। दोनों रिपोर्टों में अंतर मिलने के बाद मरीज ने क्रस्ना लैब की जांच प्रक्रिया और रिपोर्ट की शुद्धता पर सवाल उठाए हैं।
मरीज का आरोप है कि यदि डॉक्टर ने पहली रिपोर्ट के आधार पर इलाज शुरू कर दिया होता तो गलत उपचार का खतरा पैदा हो सकता था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह पुष्टि नहीं है कि मरीज को गलत उपचार दिया गया या किसी तरह का नुकसान हुआ है। दोनों रिपोर्टों के अंतर का कारण और जांच की गुणवत्ता का वास्तविक स्तर विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक को दी शिकायत
पीड़ित मरीज ने इस मामले में क्षेत्रीय अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार को शिकायत पत्र सौंपा है। उसने मांग की है कि मामले की उचित जांच की जाए, ताकि जांच रिपोर्ट में किसी तरह की गलती से मरीजों को गलत उपचार का सामना न करना पड़े।