सोलन जिले के नालागढ़ उपमंडल की कोईड़ी पंचायत के कुमारहट्टी में 2 सितंबर की रात हुए भूस्खलन के बाद बनी कृत्रिम झील 25 दिन बाद भी खत्म नहीं हुई है। झील के पानी से तीन भाइयों की करीब 10 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है और खरीफ की फसल बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक अगली फसल की बुआई भी प्रभावित होगी। स्थानीय लोगों ने पानी की जल्द निकासी और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
नालागढ़ उपमंडल की कोईड़ी पंचायत के कुमारहट्टी में 2 सितंबर की रात हुए भूस्खलन के कारण बनी कृत्रिम झील 25 दिन बाद भी जस की तस बनी हुई है। इससे तीन भाइयों नरेश कुमार शर्मा, जगपाल शर्मा और यशपाल शर्मा की करीब 10 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खरीफ की फसल तबाह होने के बाद अब अगली फसल भी नहीं बो पाएंगे। साथ ही आसपास के क्षेत्रों के लिए भी खतरा बना हुआ है। घटना के बाद जिलाधीश मनमोहन शर्मा और एसडीएम नरेंद्र अहलूवालिया ने लोक निर्माण विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ मौके का दौरा कर झील का पानी जल्द निकालने के निर्देश दिए थे।
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सरकार से कोई सहायता नहीं मिली
हम तीनों भाइयों की करीब 10 बीघा जमीन जलमग्न हो गई है। टमाटर की फसल खराब हो चुकी है और अब अगली फसल भी नहीं बो पाएंगे। वर्ष 2023 में भी फसलें खराब हुई थीं, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। - यशपाल शर्मा, पीड़ित, कुमारहट्टी
बच्चों को नदी पार करने में परेशानी
नदी में अस्थायी झील बनने से आसपास के गांवों के लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। नदी के दूसरी ओर रहने वाले स्कूली बच्चों को स्कूल के लिए कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है। पानी की जल्द निकासी होनी चाहिए। -राम लाल, स्थानीय निवासी
पानी नहीं निकला तो स्कूल को खतरा
नदी के किनारे हाई स्कूल का भवन है। झील का पानी नहीं निकलने से आसपास की जमीन में पानी रिस रहा है, जिससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इससे स्कूल भवन को भी खतरा हो सकता है। - कर्म चंद, उपप्रधान, ग्राम पंचायत कोईड़ी
सरकार स्थायी समाधान करे
इसी स्थान पर वर्ष 2023 में भी भूस्खलन के बाद झील बन गई थी। वर्ष 2025 में फिर पहाड़ी खिसककर नीचे आ गई थी। इस बार स्थिति और गंभीर है। एसडीएम से मिलकर समस्या के स्थायी समाधान का आग्रह किया है। - रामनाथ चंदेल, प्रधान, ग्राम पंचायत कोईड़ी