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हिमाचल की बसों की सेवा से हिमाचली ही महरूम

Fri, 22 Jul 2016 10:02 PM IST
ब्यूरो, परवाणू, सोलन
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हिमाचल पथ परिवहन निगम के सब डिपो का फायदा लोगों को नहीं मिल पा रहा। प्रदेश की बसें परवाणू के बजाय कालका से चल रही हैं। - फोटो : demo pic
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हिमाचल पथ परिवहन निगम के सब डिपो का फायदा लोगों को नहीं मिल पा रहा। प्रदेश की बसें परवाणू के बजाय कालका से चल रही हैं। कुल स्वीकृत रूटों में से पचास फीसदी से अधिक रूट हरियाणा से चल रहे हैं। इससे लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि कालका से सुबह चलने वाली बसें परवाणू के लोगों की पहुंच से बहुत दूर हैं। परवाणू से कालका जाने वाली बसों तक पहुंचने के लिए परवाणू से यातायात के पर्याप्त साधन नहीं हैं। इसके चलते लोगों को मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं।
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लोगों की मांग है कि कालका से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को जाने वाली बसों को परवाणू से चलाया जाए ताकि लोग निगम की सुविधाओं का लाभ उठा सकें। स्थानीय निवासी भूपेंद्र शर्मा, पवन समेला, दीपक, हंसराज, मान सिंह, प्रमोद कुमार, सोम दत्त और ओम शर्मा ने कहा कि अगर यह बसें कालका के बजाय परवाणू से चलें  तो फायदा होगा।

कालका से दौड़ रहे 29 रूट
निगम के परवाणू और कालका से 53 रूट चलते हैं। इनमें से 29 रूटों पर बसें कालका से चल रही हैं। इन 29 रूट में से ही अधिकांश बसें प्रदेश के दूरगामी क्षेत्रों धर्मशाला, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी और कुल्लू को जोड़ती हैं। जहां से बड़ी मात्रा में लोग परवाणू की औद्योगिक इकाइयों और अन्य सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों में कार्यरत हैं। इन लोगों को अपने पैतृक स्थान अथवा गांव तक जाने के लिए इन्हीं बसों पर निर्भर रहना पड़ता है लेकिन यह बसे कालका से चलने पर इन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इन्हें सुबह बसें पकड़ने के लिए परिवार सहित भारी भरकम सामन उठाकर पैदल कालका बस स्टैंड पहुंचना पड़ता है।
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यह रूट बने आफत वाले
कालका से धर्मशाला जाने वाली बसें सुबह 4:00 बजे, कालका से कांगड़ा सुबह 4:40 और 5: 40, कालका से ऊना 5:10 और 6:10 बजे जाती हैं। इन्हें पकड़ने के लिए लोगों को लगभग 2 घंटे पहले ही अपने घर से निकलना पड़ता है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों इस कारण मुश्किलें होती हैं। सर्दियों में तो लोगों को इस कदर परेशानी झेलनी पड़ती है कि यात्रा का प्रोग्राम बनाने से पहले उन्हें 10 बार सोचना पड़ता है। लोगों की मांग है कि कालका से जाने वाली बसों को या तो परवाणू से चलाया जाए या फिर यात्रियों के कालका तक जाने के लिए अलग से बस सुविधा शुरू की जाए। यह सुबह 4:00 बजे कालका से चलने वाली बस से पहले यात्रियों को कालका बस स्टैंड तक पहुंचाएं और बाद में कालका से चलने वाली बसों से लिंक अप हो ताकि यात्रियों को दिक्कत का सामना ना करना पड़े।

उच्च अधिकारी ही ले सकते हैं फैसला : आरएम
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक सुनील सडियाल ने बताया कि कालका और परवाणू में कुल मिलाकर 53 रूट हैं। इनमें 29 रूट कालका से चलते हैं। यह 29 बसें निगम के भिन्न भिन्न डिपो की हैं। इन्हें यह रूट पहले से ही मिले हैं। इसलिए यह बसें कालका तक ही आती हैं और कालका से ही वापस चली जाती हैं। इन बसों को परवाणू तक लाने और परवाणू से ही रवाना करने के लिए निगम के उच्च अधिकारी ही फैसला ले सकते है।
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