संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहरवासियों को 100 रुपये महीना पानी के बिल देने के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने खारिज कर दिया है। नगर निगम को इससे तगड़ा झटका लगा है, वहीं हजारों शहरवासियों को सस्ता पानी मिलने की उम्मीद पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है।
शहरी विकास विभाग ने निगम को पत्र जारी कर तर्क दिया है कि यह मामला नियमों के खिलाफ है जिसमें कुछ पार्षदों ने भी आपत्ति जताई है। इससे नगर निगम की वित्तीय स्थिति पर भी प्रभाव पड़ेगा।
ऐसे में अब नगर निगम सोलन को यदि अपने वायदे को पूरा करना है तो अपने स्तर पर ही यह निर्णय लेना होगा। सरकार उनकी इस मामले में कोई मदद नहीं करेगी। अब निगम के लिए भी असमंजस की स्थिति हो गई है। यदि निगम पानी के बिल 100 रुपये देता है तो उन पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा और यदि ऐसा नहीं करते हैं तो यह लोगों से वादाखिलाफी होगी।
नगर निगम चुनाव के दौरान कांग्रेस ने किया था वादा
कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव के दौरान शहर की जनता से पानी का बिल 100 रुपये करने का वादा किया था। कांग्रेस ने 100 रुपये मासिक बिल में साढ़े बारह हजार लीटर पानी देने का वादा किया था। अब यह वादा कांग्रेस शासित नगर निगम के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। वहीं शहरवासी भी इस वादे के पूरा होने पर सवाल उठा रहे हैं।
नगर निगम कल सुनाएगा नया फैसला
नगर निगम मेयर पूनम ग्रोवर ने सौ रुपये में पानी देने को लेकर किसी भी प्रकार की टिप्पणी से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को नगर निगम शहर की जनता को अपना नया फैसला सुनाएगा।
दो अक्तूबर से मिलना था 100 रुपये में पानी
नगर निगम ने चुनाव के दौरान सौ रुपये में 12500 लीटर पानी देने की घोषणा की थी। यह निर्णय बीते दो अक्तूबर से लागू किया जाना था लेकिन अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। हालांकि नगर निगम ने बाद में पूरे बिल देना शुरू कर दिया था, फिर उस पर रोक लगा दी। दोबारा प्रस्ताव खारिज होने के कारण निगम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लोगों को काफी समय से बिल नहीं मिले हैं। यदि पूरे बिल दिए जाएंगे तो उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
27.71 रुपये प्रति 1000 लीटर पानी ले रहा निगम
नगर निगम जलशक्ति विभाग से 27.71 रुपये प्रति हजार लीटर पानी ले रहा है जबकि जनता को वह 22 रुपये प्रति हजार लीटर पानी की वसूली कर रहा है। पहले ही निगम 5.71 रुपये प्रति हजार लीटर में घाटा झेल रहा है। बीते वर्ष अक्तूबर तक ही निगम पर जलशक्ति विभाग की करीब 77 करोड़ रुपये की बकाया देनदारी है।