सोलन। कोविड के बीच चीन से लहसुन की सप्लाई बंद होने के बाद इसका फायदा हिमाचल समेत देश के किसानों को मिल रहा है। जहां मई तक देश की मंडियों में चीन से सप्लाई आने के बाद प्रदेश लहसुन के दाम भी कम हो जाते थे। इस बार सप्लाई नहीं पहुंची है। इससे अब बाहरी राज्यों में हिमाचल के लहसुन को अच्छे दाम मिल रहे हैं।
अभी भी बाहरी राज्यों की मंडियों में लहसुन 80 से 100 रुपये तक बिक रहा है। हालांकि कोविड के दो वर्षों में लहसुन की अधिक मांग रही है। हिमाचल का लहसुन औषधीय गुणों से भरपूर है। लहसुन रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद करता है।
कोविड महामारी से बचने के लिए भी लोग अब रोजमर्रा के भोजन में लहसुन का उपयोग पहले की तुलना में अधिक करने लगे हैं। इसके चलते देश की मंडियों में औषधीय गुणों से भरपूर हिमाचली लहसुन की मांग बढ़ रही है। मौसम भी इस बार विपरीत रहा लेकिन सिंचित क्षेत्रों में लहसुन की फसल अच्छी है। जो इलाके बारिश पर निर्भर रहते हैं, वहां लहसुन की फसल सूखे की चपेट में आ गई थी। इसके चलते लहसुन का आकार नहीं बन पाया।
अकेले सोलन सब्जी मंडी से अभी तक 3200 क्विंटल से अधिक लहसुन बाहरी राज्यों के लिए भेजा जा चुका है। रोजाना की दो से तीन गाड़ियां देश की मंडियों के लिए भेजी जा रही हैं। सब्जी मंडी सोलन के सचिव डॉ. रविंद्र शर्मा ने कहा चाइना का लहसुन देश की मंडियों में आना बंद हो गया है। जिसका लाभ हिमाचल समेत राजस्थान को भी मिल रहा है। इस बार अधिक डिमांड के साथ लहसुन की पैदावार भी ज्यादा है।