संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। राशन खरीद और बिक्री में अनियमितताएं मिलने के बाद खाद्य आपूर्ति निगम ने बकाया छह करोड़ रुपये जीएसटी सरकारी खजाने में किया है। विभाग की इंटेलीजेंट टूल्स तकनीक से इस अनियमितता का पता चला है।
राज्य कर और आबकारी अधिकारी (दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र) ने जीएसटी में दिए इंटेलीजेंट टूल्स तकनीक से प्रदेश खाद्य एवं आपूर्ति निगम की खरीद और बिक्री में की अनियमितताओं पर नोटिस जारी किया। खाद्य आपूर्ति निगम ने गलती स्वीकार कर शीघ्र ही छह करोड़ की राशि सरकारी खजाने में जमा करवा दी।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त जीडी ठाकुर ने बताया कि खाद्य आपूर्ति निगम ने विक्रय की वस्तुओं पर मिलने वाली सब्सिडी पर जीएसटी नियम के तहत आईटीसी को वापस करना अनिवार्य होता है।खाद्य आपूर्ति विभाग इसे समय रहते वापस नहीं कर पाया।
जीएसटी पोर्टल पर निगम की खरीद और बिक्री की गहनता से जांच पड़ताल की। अग्रिम कार्रवाई कर निगम को छह करोड़ की राशि 2021-22 के लिए सरकारी खजाने में जमा करवाने के आदेश दिए।
उन्होंने बताया कि छह करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं और निगम जांच में सहयोग कर रहा है। अगर छानबीन में और राशि निकलती है तो निगम उसे भी जमा करा देगा। 2018-19 और अगले वित्तीय वर्ष के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
सरकारी खजाने को नुकसान से बचाने के लिए भविष्य में ऐसे मामले जीएसटी अधिनियम के तहत अमल में लाए जाएंगे। इसके लिए दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र के अधिकारियों को अलग-अलग कार्य दिए हैं। इस कार्रवाई में विशेष रूप से राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी शशिकांत शर्मा के अलावा सभी टीम का सहयोग रहा।