चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन के लिए अधिगृहीत की जाने वाली जमीन के तय रेट पर भू मालिकों ने आपत्ति जताई है। भू मालिकों ने रेलवे प्रबंधन से एक करोड़ रुपये प्रति बीघा की मांग की है। अन्यथा कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है। शनिवार को भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रशासन, रेलवे बोर्ड और भूमि मालिकों की बुलाई गई यह दूसरी बैठक है। इसमें भूमि मालिकों ने एक करोड़ रुपये प्रति बीघा रेट की मांग रखी।
भूमि मालिकों का तर्क है कि बद्दी में तीन किमी लंबी लाइन बिछनी है और इस लाइन में सभी की एक सामान जमीन है। अलग-अलग रेट न देकर एक ही रेट दिया जाए ताकि मुआवजे में पारदर्शिता हो। सभी भूमि मालिकों ने एक मत में कहा कि अगर उन्हें यह रेट न मिला तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
यह बैठक रेलवे बोर्ड के अधिशासी अभियंता अमरजीत सिंह, सहायक अभियंता अवतार सिंह ने भूमि अधिग्रहण अधिकारी केशव राम और भूमि मालिकों के साथ बद्दी तहसील कार्यालय में आयोजित की गई। प्रशासन के अनुसार तीन किमी लाइन में 9 गांवों की 407 बीघा जमीन आ रही है। 9 गांवों के 9 अलग-अलग रेट हैं।
स्थान रेट
सराज माजरा लाबाना 15 लाख
बद्दी शीलतपुर 27 लाख
चक जंगी 21 लाख
लंडेवाल 03 लाख
कल्याणपुर 15.50 लाख
बिलांवाला गुजरा 22.00 लाख
हरिपुर संडोली 15.50 लाख
केंदूवाला 13 लाख
संडोली 15.50 लाख
(यह रेट प्रति बीघा सरकार ने तय किए हैं)
यह है पेच
भू मालिक एक करोड़ प्रति बीघा की मांग पर अड़े हैं। दूसरी तरफ अगर रेट की एवरेज लेते हैं तो 16 लाख 44 हजार 444 रुपये प्रति बीघा बैठते हैं। बेस रेट का चार गुणा करीब 80 लाख प्रति बीघा दिया जा सकता है। लेकिन लोग एक करोड़ रुपये की मांग पर अड़े हुए है।
50-50 देंगे रेलवे और प्रदेश सरकार
भूमि मालिक नंबरदार चरण सिंह, बाबू राम, भाग सिंह, मनराज, राजेंद्र गट, ाजू, भगत राम नंबरदार, प्रवेश नंबरदार, केवल सिंह, बेअंत ठाकुर, ध्यान सिंह, श्यामलाल ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की मांग की। रेलवे की ओर से आए अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय प्रशासन जो भी रेट तय करेगा उसका पचास फीसदी रेलवे बोर्ड की ओर से वहन किया जाएगा, 50 फीसदी हिमाचल सरकार की ओर से दिया जाएगा।
मंजूरी पर टिकी बात : केशव राम
तहसीलदार और भूमि अधिग्रहण अधिकारी केशव राम ने बताया कि लोगों ने एक करोड़ की मांग रखी है। इसको सरकार को भेज दिया है। सरकार इसे मंजूर करती है तो किसानों को यह रेट दे दिया जाएगा। इसके अलावा फसल, ट्यूबवेल, मकान का अलग से पैसा दिया जाएगा। एसडीएम हरिकेश मीणा ने बताया कि नेगोसिएशन के दौरान भूमि मालिकों ने जो भी मांग रखी है, उसे सरकार के ध्यानार्थ भेजा है। सरकार अगर स्वीकृत करती है तो भूमि मालिकों को पैसा दे दिया जाएगा।