क्षेत्र में आईईसी के माध्यम से किया जा रहा जागरूक
आशा वर्कर घरों में बांट रहीं जरूरी दवाएं ओरआरएस और क्लोरीन
जिला स्वास्थ्य विभाग चिंतित, लोगों से उबालकर पानी पीने का आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/परवाणू। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में डायरिया के मामले 280 से पार हो चुके हैं। वीरवार को ईएसआई अस्पताल में 24 मामले डायरिया से पीड़ित निकले। अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की कतारें लगी रही। पर्ची काउंटर से ओपीडी तक लोगों को बारी का इंतजार करना पड़ा। गनीमत यह है कि अब अस्पताल में आ रहे डायरिया मामले में गंभीर मामले अधिक नहीं है। ऐसे में उपचार के बाद मरीजों को भर्ती नहीं करना पड़ रहा है। बीते कुछ दिनों में डायरिया से पीड़ित होकर अस्पताल आने वाले मरीजों की स्थिति काफी गंभीर थी। इस कारण मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा था। लेकिन वर्तमान में इस प्रकार की स्थिति नहीं है। वीरवार को भी दो ही डायरिया के मामले भर्ती थे। यह मरीज कुछ दिन पहले अस्पताल आए थे, अन्य सभी को हालत स्थित होने के बाद छुट्टी दे दी गई है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग का घर-घर जाकर पानी की जांच करने का अभियान जारी है। वीरवार को भी स्वास्थ्य आशा वर्करों की टीम ने परवाणू व इसके आसपास के क्षेत्रों में पानी की टंकियों में जांच की और लोगों को पानी की टंकियां साफ करने के लिए भी कहा। आशा वर्करों ने लोगों को क्लोरीन, ओआरएस घोल, दवाएं, जिंक भी बांटी।
उधर, इस बारे में खंड चिकित्सा अधिकारी धर्मपुर डॉ कविता शर्मा ने कहा कि ईएसआई अस्पताल में 24 नए डायरिया के मामले आए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर दवाएं बांट रहा है। साथ ही टंकियों की जांच भी की जा रही है। जल्द ही डायरिया को काबू कर लिया जाएगा।
इनसेट
जहां सैंपल फेल वहीं से पी रहे पानी
परवाणू के सेक्टर एक में जिस सार्वजनिक नल से लिया गया सैंपल फेल हुआ था। लोग अभी वहीं पानी पी रहे हैं। यह नल नगर परिषद परिसर में लगा। लेकिन इस स्रोत को साफ नहीं किया गया है। नगर परिषद के सफाई निरीक्षक आशुतोष ने बताया कि उनके ध्यान में नहीं हैं। अगर ऐसा है तो इस नल को बंद करवा दिया जाएगा और सफाई करवाई करवाई जाएगी।