पिजौंर-नालागढ़ फोरलेन का निर्माण कार्य अक्तूबर से रुका
खनन विभाग ने फोरलेन निर्माण कार्य पर लगाई है रोक
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्राचार के बाद भी पिंजौर-नालागढ़ फोरलेन का निर्माण कार्य शुरु नहीं हो पाया है। अक्तूबर में हरियाणा के खनन विभाग ने निर्माण कार्य रोक दिया था।
पिंजौर से नालागढ़ तक 31.195 किमी फोरलेन कार्य पिछले डेढ़ साल से चल रहा है। फोरलेन निर्माण के लिए एनएचएआई विभाग ने पटेल एंड कंपनी को 469 करोड़ में ठेका दिया है। हरियाणा में 14 किमी और हिमाचल में 17 किमी फोरलेन बनना है। शुरू में कंपनी में हरियाणा क्षेत्र में तेजी से कार्य किया, लेकिन बीते अक्तूबर से यहां पर सड़क बनाने के कार्य को खनन विभाग ने हरियाणा क्षेत्र में यह तर्क देकर रोक दिया कि पिंजौर से बद्दी तक का क्षेत्र रेड जोन में आता है। यहां पर खुदाई का कार्य नही हो सकता है। जिससे मार्ग को समतल करने का कार्य रुक गया। ठेकेदार न तो मिट्टी उठा सकता है और न ही मिट्टी को डाउन वाले स्थान पर भर सकता है। हरियाणा में खाली डंगे लगाने, पुल निर्माण के कार्य चल रहे हैं।
31.195 किमी तक बनने वाले इस फोरलेन में 4 बड़े व 15 छोटे पुल, 96 कल्वर्ट एक फ्लाईओवर और एक अंडर पास बनना है। बद्दी में फ्लाई ओवर बनना है जिसके लिए पिलर बनाने का कार्य शुरू हो चुका है। किशनपुरा व बद्दी में ही अंडरपास बनने है। हरियाणा के मलवाला, बद्दी, किशनपुरा व मलकू माजरा में चार बड़े पुल बनने हैं। बद्दी के बालद खड्ड पर बनने वाले पुल पर लेंटर तो डल गया है लेकिन उसके एप्रोच, एक्सपेंशन ज्वाइंट व क्रैश बैरियर के कार्य अभी चल रहे हैं। हिमाचल में तो रोड बनाने का कार्य चल रहा है। लेकिन हरियाणा में 6 माह से काम लटका हुआ है। एनएचएआई ने विभिन्न विभागों समेत सीएम कार्यालय को भी पत्राचार किया है लेकिन अभी तक इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है।
उधर, फोरलेन के प्रोजेक्ट मैनेजर सतिंद्र कुमार ने बताया कि अक्तूबर से हरियाणा में खनन विभाग ने मिट्टी की खुदाई पर रोक लगाई है। उन्होंने विभिन्न विभागों समेत सीएम हरियाणा कार्यालय के साथ पत्राचार किया है लेकिन छह माह बीत जाने के बाद भी अभी तक काम करने के अनुमति नहीं दी है।