विशेष न्यायाधीश सोलन एससी कैंथला की अदालत ने सिरमौर निवासी चरस तस्करी के आरोपी को दोषी करार दिया है। तस्कर को एनडीपीएस की धारा 20 के तहत 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दोषी को एक साल अतिरिक्त कारवास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी जिला उपन्यायवादी यशपाल सिंह ने की है। मंगलवार को अदालत ने पक्ष और विपक्ष की दलीलें सुनने के बाद सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि दोषी यशपाल पुत्र रोशन लाल निवासी पुजारली तहसील राजगढ़ जिला सिरमौर चरस की तस्करी के आरोप में धरा गया था।
28 जुलाई, 2012 को सीआईडी पार्टी भराड़ी जिला शिमला ने महेशचंद्र सिंह की अगुवाई में नाका लगाया हुआ था। सुबह सवा बारह बजे काली माता मंदिर शामती के पास ओच्छघाट की ओर से एक इंडिका कार पार्क हुई दिखी। यशपाल गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर था। पुलिस ने शक के आधार पर तलाशी ली जिससे 2 किलो 240 ग्राम चरस बरामद की।