गंभीरपुर थाना क्षेत्र के बिंद्राबाजार में मंगलवार की सुबह विवादित जमीन पर निर्माण कराने गए एक पक्ष ने हवाई फायरिंग करते हुए दूसरे पक्ष के लोगों के घरों में तोड़फोड़ की और कीमती सामान उठा ले गए। पीड़ित पक्ष ने आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर आधे घंटे तक जाम लगा दिया। पीड़ित पतिराम ने अकील समेत 10 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दिनदहाड़े बाजार में गोलियों की तड़तड़ाहट से अफरातफरी मच गई। गंभीरपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर रजमो गांव निवासी ओमप्रकाश तिवारी के पूर्वजों की जमीन बिंद्राबाजार में मेहनगर मार्ग पर थी। जमीन का कुछ हिस्सा ओमप्रकाश के दादा ने पतिराम, लछीराम, सतीराम और रामभवन को दान में दे दिया था।
यहां वे मकान बनाकर वर्षों से रहते हैं। दान में मिली जमीन के पीछे कुछ जमीन बची हुई थी। उस जमीन को भी यह लोग अपना बताते हुए कब्जा करने लगे। जिस पर ओमप्रकाश और इनके बीच मुकदमा शुरू हो गया, जो अभी भी न्यायालय में लंबित है।
इसी बीच ओमप्रकाश ने खाली पड़ी अपनी जमीन का गंभीरपुर थाने के मदारपुर गांव निवासी अकील अहमद को बैनामा कर दिया। मंगलवार को अकील ने खरीदी गई जमीन पर निर्माण कराने के लिए तीन ट्रैक्टर ईंट गिराए। इसकी जानकारी पतिराम समेत अन्य लोगों को हुई तो उन्होंने थाने में शिकायत की। पुलिस मौके पर पहुंची और ईंट उठवाकर थाने लेकर चली आई।
इसकी जानकारी जब अकील को हुई तो वह अपने कई साथियों के साथ मौके पर पहुंचा। मनबढ़ों ने लाइसेंसी असलहे से ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगे और पतिराम समेत अन्य लोगों के घरों में तोड़फोड़ करते हुए कीमती सामान गाड़ियों में रखकर ले गए। पतिराम आदि ने घटना के संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम में फोनकर जानकारी दी। कुछ ही देर में वहां गंभीरपुर के अलावा मेहनगर, रानी की सराय, तरवां आदि थानों को फोर्स पहुंच गई।
इधर, पुलिस के पहुंचने पर पतिराम समेत अन्य पीड़ित लोगों ने बाजार के तिराहे पर पहुंचे और आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर जाम लगा दिया। थानाध्यक्ष गंभीरपुर के आश्वासन पर दोपहर ढाई बजे से लगा जाम करीब आधे घंटे बाद समाप्त हो गया। एसओ एसएन वर्मा ने बताया कि मामले में देर रात 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।