यात्री से एक रुपया अधिक वसूलने पर जिला उपभोक्ता फोरम की अदालत ने बस संचालक को एक रुपया लौटाने के आदेश दिए हैं।
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यात्री से एक रुपया अधिक वसूलने पर जिला उपभोक्ता फोरम की अदालत ने बस संचालक को एक रुपया लौटाने के आदेश दिए हैं। वह भी नौ फीसदी सालाना ब्याज के साथ। साथ ही शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति के एवज में अतिरिक्त बीस हजार रुपये देने का फैसला भी सुनाया है। आरोप था कि निजी बस कंडक्टर ने सरकार द्वारा तय किराये की दरों को ताक पर रखकर एक्सट्रा किराया चार्ज किया है।
मरयोग से सोलन का किराया 29 रुपये बनता है लेकिन परिचालक ने तीस रुपये वसूले थे। सरकार ने किराया 1.45 पैसे प्रति किमी तय किया है। परिचालक इस नियम की अनदेखी कर यात्रियों से जबरन अधिक किराया वसूल रहा है। शिकायत कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के अंडर सेक्शन 12 के तहत की गई। इसमें कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष मुकेश बंसल और मेंबर एससी वरमानी ने मामले की सुनवाई की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित संचालक की करीब दस रूटों पर बसें चल रही हैं।
यह है पूरा मामला
शिकायतकर्ता संजय कुमार पुत्र बलदेव सिंह निवासी गांव मरयोग पोस्ट ऑफिस गौड़ा सोलन ने कहा कि 10 मार्च 2016 को सुबह साढ़े नौ बजे उसने मरयोग से सोलन सिटी के लिए बस पकड़ी। सोलन तक की दूरी बीस किमी है। बस कंडक्टर ने टिकट नंबर 004093 जारी कर तीस रुपये काट लिए। तय किराया 29 रुपये बनता था। पूछा तो कंडक्टर ने कहा कि उसने बिल्कुल सही किराया चार्ज किया है। शिकायतकर्ता ने बस के मालिक से कंसलट करने की गुहार लगाई। नतीजतन सही किराये का पता चल सके। परिचालक ने यह कहते हुए मना कर दिया कि बस संचालक से बात करने की कोई जरूरत नहीं है। बस संचालक से शिकायतकर्ता ने बात की तो उनका जवाब भी टरकाने वाला था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामला उपभोक्ता फोरम के ध्यान में लाया।
पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें
निजी बस संचालकों के अलावा आटो में भी ओवरचार्जिंग की शिकायतें पहले भी कई बार हो चुकी हैं। बीच में सख्ती बरतने के बाद फिर से व्यवस्था उसी ढर्रे पर आ जाती है। शिकायतकर्ता के अनुसार इससे पहले भी वह कुछ शिकायतें कर चुका है। हालांकि परिवहन विभाग को निर्देश भी जारी हुए। लेकिन ओवर चार्जिंग की समस्या जस की तस है। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता का जागरूक होना जरूरी है। तभी आप ठगी और ओवर चार्जिंग का शिकार होने से बच सकेंगे।