विशेष बच्चों को घर से स्कूल तक लाने और वापस घर पहुंचाने के लिए एस्कार्ट भत्ता। गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर कर रहे नौनिहालों को मुफ्त वर्दियों के साथ किताबें। नए स्कूलों का निर्माण पुराने स्कूलों की मरम्मत और रोचक क्लास रूम। सर्व शिक्षा अभियान के 33.50 करोड़ के वार्षिक प्लान 2015-16 को केंद्र ने मंजूरी दे दी है।
इन सब स्कूलों की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए और भी बहुत कुछ होने जा रहा है। वार्षिक प्लान में बीस से अधिक मदों को शामिल किया है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष के बजट में 8 करोड़ की बढ़ोतरी की है। वर्ष 2014-15 के लिए कुल 25.65 करोड़ का बजट था।
मुख्य बिंदु
1-तीन साल से बंद टीचर ग्रांट जारी
तीन साल से बंद पड़े टीचर लर्निंग मैटीरियल के लिए लिए दिए जाने वाला ग्रांट इन वर्क प्लान में जारी किया है। 15.35 लाख के बजट का इसके लिए प्रावधान किया है। गुणात्मक ट्रेनिंग के लिए 48.265 लाख के बजट का प्रावधान किया है। दावा किया जा रहा है कि इससे शिक्षकों को बच्चों को नई विधियों से पढ़ाने में मदद मिलेगी।
2- स्कूलों की मरम्मत का बजट भी बढ़ा
मेजर रिपेयर वाले स्कूलों की मरम्मत का बजट भी इस बार बढ़कर आया है। 46.33 लाख के बजट का प्रावधान किया है। इसमें पिछले वर्ष महज 27 लाख आया था। लिहाजा इस बजट से स्कूलों की अधोसंरचना बेहतर होने के साथ मरम्मत के अभाव का दंश झेल रहे स्कूलों की परेशानी कम होगी।नौनिहालों को भी राहत मिलेगी।
3 शिक्षकों के प्रशिक्षण पर कम होगा खर्च
सालाना बजट में शिक्षकों के प्रशिक्षण पर कम बजट का प्रावधान किया है। पिछली बार जहां ट्रेनिंग का खर्चा करीब 32 लाख था। इस बार 26 लाख खर्च होगा। करीब छह लाख के बजट की कटौती कर दी है। इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को बेहतर शिक्षण के गुर सिखाएं जाते हैं। इस बार कलस्टर लेवल पर अधिक ट्रेनिंग होंगी जबकि ब्लाक लेवल पर अधिक प्रशिक्षण करवाने का प्रावधान होगा।
सही जगह में खर्च होगा बजट : तरविंद्र कौर
जिला सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना अधिकारी तरविंद्र कौर ने एनुअल प्लान मंजूर होने की पुष्टि की है। बताया कि मंजूरी मिलने के बाद जिला सर्व शिक्षा अभियान इस बजट को सही समय और सही जगहों पर खर्च करने की कवायद में जुट गया है। इस बजट से प्राइमरी और अप्पर प्राइमरी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जाएंगे।
91 हजार में विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा
प्राइमर छात्र छात्राएं
30 हजार 848 27 हजार 69
अपर प्राइमरी 18 हजार 30 15 हजार 234
अन्य मुख्य मदें : कहां कितना होगा खर्च
1. आउट ऑफ स्कूल बच्चों के लिए 67 लाख
2. फ्री टेक्सट बुक पर करीब 60 लाख
3- मुफ्त वर्दी के लिए 188 लाख
4- कंप्यूटर लर्निंग पर 50 लाख
5- मेजर स्कूल मरम्मत ग्रांट और नए कमरे 60.60 लाख
6- प्रबंधन और गुणवत्ता पर 96 लाख
7- कम्यूनिटी मोबलाइजेशन 07 लाख
8- शिक्षकों की पगार 199 लाख
9- स्कूलों की मायनर मरम्मत पर 69 लाख
10- विशेष जरूरत वाले बच्चों को 18 लाख
11- इन्नोवेशन फंड/गर्ल्स एजूकेशन को मिलेंगे 60 लाख
12- कम्यूनिटी ट्रेनिंग को 19 लाख