बद्दी के बालद खड्ड पर बना पुल से चलते हुए वाहन। संवाद
आठ महीने से खड्ड के रास्ते से रोजाना गुजर रहे थे 49 हजार वाहन
पुल शुरू होने से उद्योगपतियों, किसानों समेत लोगों को मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बालद खड्ड पर बने पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर सतेंद्र सिंह ने पूजा करने के बाद इस पुल को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। आठ महीनों के रिकार्ड समय में पुल बनकर तैयार हो गया है। इस पुल के शुरू होने से अब दोनों राज्यों के बीच आवाजाही सुगम हो गई है।
यह पुल बीते साल 21 अगस्त को टूटकर ध्वस्त हो गया था। पुल के माध्यम से रोजाना 49 हजार वाहनों का आना जाना नियमित रूप से रोजाना होता है, पुल टूटने से लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा था। उसके बाद प्रशासन व लोगों की मदद से एक वैकल्पिक पुल तैयार किया गया था, जिससे अब तक आवाजाही चल रही थी। पिंजौर से नालागढ़ तक फोरलेन परियोजना का निर्माण कर रहे पटेल इंफा कंपनी ने यह पुल रिकार्ड समय में बनाया है। परियोजना के प्रोजेक्ट मेनेजर ने बताया कि यह इस परियोजना का सबसे लंबा पुल है। टोल बैरियर वापस राष्ट्रीय मार्ग पर लगा दिया गया है। अभी तक टोल बैरियर खड्ड में चल रहा था, लेकिन पुल के शुरू होते ही वापस टोल बैरियर बद्दी पिंजौर मार्ग पर पहले से थोड़ा बद्दी की ओर लगा है। वर्तमान में खड्ड में जाने के लिए कई संपर्क मांर्ग बन गए है। इसे देखते हुए टोल ठेकेदार ने पहले लगे टोल बैरियर से कुछ दूरी पर बद्दी की ओर टोल लगाया है।
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अक्तूबर 2025 में पूरी होगी परियोजना
पिंजौर से नालागढ़ तक तैयार की जा रही 31 किलोमीटर फोरलेन परियोजना को अक्तूबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका निर्माण 469 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। परियोजना का 50 फीसदी तक कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं कई टुकड़ों में इस परियोजना का कार्य चलाया जा रहा है। बरसात से पहले पुल तैयार करने के उद्योगपतियों व स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर की है।